इमर्जिंग छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा विजन, महिला सशक्तिकरण से बस्तर विकास तक रखी सरकार की प्राथमिकताएं

राजधानी रायपुर में आयोजित ‘इमर्जिंग छत्तीसगढ़–सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के विकास का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत करते हुए महिला सशक्तिकरण, बस्तर के समग्र विकास, रोजगार, उद्योग, पर्यटन, कृषि और सुशासन को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक भौगोलिक राज्य नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के लिए मातृभूमि का स्वरूप है। भारतीय संस्कृति में महिलाओं को सर्वोच्च सम्मान देने की परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना राज्य की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68.50 लाख विवाहित महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने एक हजार रुपये की राशि सीधे भेजी जा रही है। अब तक 29 किश्तों के माध्यम से लगभग 18,800 करोड़ रुपये महिलाओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना ने लाखों परिवारों में आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ाया है और महिलाएं इस सहायता राशि का उपयोग स्वरोजगार, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय शुरू करने जैसे रचनात्मक कार्यों में कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां की महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्रित कर भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण का कार्य शुरू किया है। उन्होंने इसे सामाजिक भागीदारी और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में दो लाख 86 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन समूहों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और रोजगार कार्यक्रमों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र में आए बदलाव का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्षों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और जनकल्याण की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 500 से अधिक गांवों तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है, जबकि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि बस्तर में सिंचाई परियोजनाओं, कृषि विकास, पर्यटन और वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफाएं और अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में काम जारी है। नई औद्योगिक नीति के तहत होम-स्टे को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सामाजिक सुधारों के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 लागू किया गया है, ताकि अवैध और प्रलोभन देकर किए जाने वाले धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही समान नागरिक संहिता की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया गया है और आने वाले समय में हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए नई भर्तियां और औद्योगिक परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। कार्यक्रम में कई महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से मिले लाभ साझा करते हुए बताया कि इस योजना ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और आत्मनिर्भर बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
