कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: प्रीति का दमदार पंच, 5-0 से जीतकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, भारत का एक और पदक पक्का

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। महिला 54 किलोग्राम वर्ग में भारत की उभरती स्टार मुक्केबाज प्रीति ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्होंने क्वार्टरफाइनल मुकाबले में नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराकर न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक भी सुनिश्चित कर दिया। अब उनकी नजर सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचने और स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करने पर होगी।
ग्लासगो के एसईसी हॉल-5 में खेले गए इस मुकाबले में शुरुआत से ही प्रीति पूरी तरह आत्मविश्वास से भरी नजर आईं। पहले राउंड से ही उन्होंने तेज गति, शानदार फुटवर्क और सटीक पंचों के दम पर मुकाबले पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया। उनकी आक्रामक रणनीति के सामने निकोल क्लाइड पूरे मुकाबले के दौरान संघर्ष करती दिखाई दीं और उन्हें लगातार रक्षात्मक खेल अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
तीनों राउंड में भारतीय मुक्केबाज का दबदबा स्पष्ट रूप से देखने को मिला। प्रीति ने न केवल अपने प्रतिद्वंद्वी पर लगातार दबाव बनाए रखा, बल्कि रिंग में बेहतरीन संतुलन और तकनीकी कौशल का भी शानदार प्रदर्शन किया। उनके हर आक्रमण का जवाब निकोल क्लाइड के लिए मुश्किल साबित हुआ। मुकाबले के अंत में सभी पांच जजों ने एकमत होकर प्रीति के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्हें 5-0 से विजेता घोषित किया।
इस मुकाबले की सबसे खास बात यह रही कि निकोल क्लाइड तीन बार नॉकडाउन हुईं। भारतीय मुक्केबाज की लगातार सटीक पंचिंग और आक्रामक अंदाज ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। जजों के स्कोरकार्ड में भी यह स्पष्ट दिखाई दिया, जहां प्रीति को 30-25, 30-25, 30-26, 30-26 और 30-27 के स्कोर मिले। इससे साफ जाहिर हुआ कि मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी का हर राउंड पर पूरा नियंत्रण था।
कॉमनवेल्थ गेम्स के मुक्केबाजी नियमों के अनुसार, जो खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचते हैं, उन्हें कम से कम कांस्य पदक मिलना तय होता है। यही वजह है कि प्रीति ने सेमीफाइनल में पहुंचते ही भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर दिया है। अब वह 31 जुलाई को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगी, जहां उनका लक्ष्य जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश करना होगा। यदि वह अगला मुकाबला जीतती हैं तो भारत के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीद और मजबूत हो जाएगी।
इससे पहले भी प्रीति ने अपने पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया था। राउंड ऑफ 16 में उनका सामना मलावी की म्टेंजे से हुआ था, जहां उन्होंने इतना प्रभावशाली खेल दिखाया कि दूसरे राउंड में रेफरी को मुकाबला रोकना पड़ा और उन्हें आरएससी के आधार पर विजेता घोषित किया गया। लगातार दो मुकाबलों में दमदार जीत दर्ज कर प्रीति ने यह साबित कर दिया है कि वह इस प्रतियोगिता में पदक की प्रबल दावेदार हैं।
भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए यह दिन अन्य मुकाबलों में भी सकारात्मक रहा। पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश ने एंटीगुआ और बारबुडा के जलान को 5-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार तकनीक और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। वहीं पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में सचिन ने इंग्लैंड के विलियम हेविट को कड़े मुकाबले में 4-1 के स्प्लिट फैसले से हराकर अंतिम आठ में प्रवेश किया। दोनों मुक्केबाजों के प्रदर्शन ने भारतीय टीम की पदक उम्मीदों को और मजबूत किया है।
भारतीय मुक्केबाजी दल का अब तक का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि इस बार टीम विभिन्न भार वर्गों में मजबूत चुनौती पेश कर रही है। खिलाड़ियों का आत्मविश्वास, फिटनेस और तकनीकी तैयारी शानदार नजर आ रही है। यदि आने वाले मुकाबलों में भी यही लय बरकरार रहती है तो भारत की झोली में मुक्केबाजी से कई और पदक आने की पूरी संभावना है। खेल प्रेमियों की नजरें अब प्रीति के सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां उनसे एक और यादगार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
