रायपुर : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में अरुणाचल पुरुष और असम महिला वर्ग में ओवरऑल चैम्पियन

1774785320_daa218a3f418aca18069

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं का आज शानदार समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान देशभर से आए खिलाडि़यों ने ताकत, तकनीक और आत्मविश्वास का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को रोमांचित किया। समापन समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने खिलाडि़यों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाडि़यों के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबलों की बात करें तो पुरुष 110 किलोग्राम भार वर्ग में अरुणाचल प्रदेश के साम्बो लापुंग ने 299 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मिजोरम के डेविड लालजाव्मडिका ने 270 किलोग्राम के साथ रजत और छत्तीसगढ़ के लकी बाबू मरकाम ने 261 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। लकी बाबू का यह प्रदर्शन घरेलू दर्शकों के लिए गर्व का क्षण रहा।

वहीं पुरुष 110$ किलोग्राम वर्ग में मिजोरम के डेविड जोह्मिंगमाविया ने 290 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के गुगुलोथु राजा शेखर (255 किग्रा) को रजत और असम के मनाश प्रतिम सोनवाल (223 किग्रा) वजन उठाकर कांस्य पदक जीता। इस वर्ग में खिलाडि़यों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

महिला वर्ग में भी मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। 86 किलोग्राम वर्ग में महाराष्ट्र की साक्षी बंडु बुरकुले ने 150 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। छत्तीसगढ़ की रिशिका कश्यप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 121 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता और अपने मेडल का श्रेय अपने कोच को दिया। वहीं असम की बिटुपुना देओरी ने कांस्य पदक अपने नाम किया। एक अन्य महिला वर्ग के 86 किग्रा से अधिक के वर्ग में मिजोरम की जोसांगजुआली ने 140 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि असम की पिंकी बोरो और मध्यप्रदेश की गुंजन उइके ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किया।

छत्तीसगढ़ के खिलाडि़यों ने भी इस प्रतियोगिता में दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। लकी बाबू मरकाम ने अपने प्रदर्शन के बाद कहा कि ट्राइबल गेम्स 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ में होना प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। इससे उन्हें बड़े मंच को देखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

पूरे आयोजन के दौरान तकनीकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं और प्रतियोगिताएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुईं। दर्शकों का उत्साह भी खिलाडि़यों के प्रदर्शन में ऊर्जा भरता रहा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धाओं ने यह साबित कर दिया कि देश के जनजातीय अंचलों में अपार खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मंच और अवसर मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में सक्षम हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed