उत्तराखंड में अमित शाह का बड़ा बयान, घुसपैठियों को देश से बाहर करने की बात, धामी सरकार के चार साल पूरे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में विकास कार्यों, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की है और हजारों अवैध कब्जों को हटाया गया है।
अमित शाह ने कहा कि राज्य में लगभग दस हजार से अधिक अतिक्रमणों को हटाया गया है और यह केवल भूमि से जुड़े मुद्दे तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए घुसपैठियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में जहां भी अवैध रूप से घुसपैठ कर रहने वाले लोग पाए जाएंगे, उन्हें पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और देश से बाहर भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस विषय को लेकर पूरी तरह गंभीर है और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसे महत्वपूर्ण मानती है।
कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास भारतीय नागरिकता नहीं है, उनके नाम मतदाता सूची में नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध और पारदर्शी होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है। अमित शाह ने कहा कि भाजपा चुनाव आयोग की प्रक्रिया का समर्थन करती है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि केवल योग्य नागरिक ही मतदान सूची में शामिल हों।
अपने संबोधन में उन्होंने उत्तराखंड के इतिहास और राज्य निर्माण के संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तराखंड के लोग अपने अधिकारों और पहचान के लिए संघर्ष कर रहे थे। राज्य की संस्कृति और पहचान को बचाने के लिए युवाओं ने आंदोलन किया था और उस समय कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने रामपुर तिराहा की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि यह घटना आज भी राज्य के लोगों के मन में गहराई से दर्ज है।
अमित शाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे छोटे राज्यों का गठन किया गया था। उस समय कई लोगों ने छोटे राज्यों की आर्थिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन आज ये सभी राज्य विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं और देश की प्रगति में योगदान दे रहे हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि राज्य में 1132 करोड़ रुपये की लागत से कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। इसके साथ ही नई न्याय संहिताओं से जुड़ी एक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने कहा कि देश में न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए पुराने औपनिवेशिक कानूनों की जगह नए कानून लागू किए जा रहे हैं ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके।
अमित शाह ने कहा कि आने वाले समय में न्याय प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि किसी भी व्यक्ति को न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड के विकास को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं और आने वाले वर्षों में राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
