अरावली पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भूपेंद्र यादव ने किया स्वागत, खनन पर रोक जारी

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अरावली पर्वतमाला से जुड़े अपने ही आदेश पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक और मामले के अध्ययन के लिए गठित नई समिति के फैसले का स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अरावली के संरक्षण और उसके जीर्णोद्धार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में मंत्रालय से जो भी सहयोग मांगा जाएगा, वह उपलब्ध कराया जाएगा।
भूपेंद्र यादव ने यह भी साफ किया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट की ओर से आगे कोई नया निर्देश नहीं आता, तब तक अरावली क्षेत्र में नए खनन पट्टों पर पूरी तरह रोक रहेगी और मौजूदा पट्टों के नवीनीकरण पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला देश की सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहरों में से एक है, जो उत्तर भारत की जलवायु, भूजल स्तर और जैव विविधता को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है।
मंत्री ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित नई विशेषज्ञ समिति इस पूरे मुद्दे का गहन अध्ययन कर एक संतुलित और वैज्ञानिक रिपोर्ट पेश करेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच बेहतर तालमेल बन सकेगा। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि किसी भी तरह की गतिविधि से अरावली को नुकसान न पहुंचे और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह पर्वतमाला सुरक्षित रह सके।
