नेपाल बाढ़ में 21 भारतीय सुरक्षित रेस्क्यू, कैलाश मानसरोवर यात्रियों को टिमुरे से निकाला, 288 भारतीय अब भी संपर्क से बाहर

नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेपाल के टिमुरे इलाके से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। सभी यात्री तमिलनाडु के रहने वाले हैं और प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित क्षेत्र में फंस गए थे। भारतीय अधिकारियों की लगातार कोशिशों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इन सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।
इस रेस्क्यू अभियान के बाद प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन नेपाल में हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। कई इलाकों में सड़कें, पुल और संचार व्यवस्था बाढ़ की वजह से पूरी तरह प्रभावित हो गई है। लगातार बारिश और फ्लैश फ्लड के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। राहत एजेंसियां और सुरक्षा बल लगातार प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के अभियान में जुटे हुए हैं।
सरकार के अनुसार, अब तक सुरक्षित निकाले गए सभी भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल के उत्तरी हिस्से में मौजूद थे। अचानक आई बाढ़ के कारण उनका संपर्क टूट गया था। रेस्क्यू टीमों ने कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाकर इन यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी यात्रियों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
हालांकि राहत अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। नेपाल में अभी भी 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो विभिन्न परियोजनाओं और निर्माण कार्यों में काम कर रहे थे। त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में कार्यरत 73 भारतीय कर्मचारियों से भी संपर्क स्थापित करने की कोशिश लगातार जारी है। इसके अलावा तिब्बत क्षेत्र में फंसे करीब 200 भारतीय नागरिकों से भी भारतीय अधिकारियों का संपर्क बनाए रखने का प्रयास चल रहा है।
नेपाल में आई इस आपदा के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान को तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने स्थिति की निगरानी के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाला विशेष कंट्रोल रूम शुरू किया है। इसके साथ ही काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी 24 घंटे हेल्पलाइन सेवाएं शुरू कर दी गई हैं ताकि नेपाल और तिब्बत क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिक जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
भारत ने नेपाल को राहत सामग्री भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नेपाल की जरूरतों को देखते हुए आपात राहत सामग्री के साथ बेली ब्रिज भेजने की तैयारी की गई है ताकि बाढ़ से क्षतिग्रस्त इलाकों में संपर्क बहाल किया जा सके। दोनों देशों के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर इस भीषण आपदा पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में वह नेपाल के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और राहत अभियान में हर जरूरी सहयोग उपलब्ध कराता रहेगा।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई इस भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है। मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई लोग अब भी लापता हैं। बचाव दल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। भारत सरकार ने नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों और उनके परिजनों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम और भारतीय दूतावास की हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
