2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा भारत, 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प से पूरा होगा लक्ष्य: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए विकसित भारत के संकल्प को एक बार फिर सामने रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने खड़ा होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने की सबसे बड़ी ताकत देश के 140 करोड़ नागरिकों का संकल्प, सामर्थ्य और परिश्रम है।
लगातार 13वीं बार लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश जब विकास और आत्मनिर्भरता का संकल्प लेता है तो उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रति दुनिया का नजरिया तेजी से बदल रहा है और इसके पीछे देश के करोड़ों लोगों की मेहनत और पिछले वर्षों में हुए बदलाव बड़ी वजह हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हर वर्ग ने भारत की प्रगति में योगदान दिया है। गांवों से लेकर शहरों तक, गरीब और मध्यम वर्ग से लेकर आदिवासी, दलित और वंचित वर्गों तक सभी ने अपनी क्षमता के अनुसार देश को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि पिछले कुछ वर्षों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलने में सफल हुए हैं।
उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी दुनिया की कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाने वाला भारत आज तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में पहले की तुलना में विकास की गति तेज हुई है और लोगों के भीतर बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति और क्षमता को अब रोकना आसान नहीं है।
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब हर जरूरत के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहकर आगे नहीं बढ़ना चाहता। दुनिया में कई चीजें सस्ती और आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन देश की वास्तविक ताकत तब सामने आती है जब वह अपनी जरूरतों को खुद पूरा करने की क्षमता विकसित करता है। इसी सोच के साथ भारत अपनी उत्पादन क्षमता, तकनीक और रणनीतिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल दुनिया में चिप की भूमिका बेहद अहम हो चुकी है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लेकर चिकित्सा क्षेत्र के उपकरणों तक, लगभग हर आधुनिक तकनीक में सेमीकंडक्टर की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कि भारत में अब सेमीकंडक्टर निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। देश में तीन सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू हो चुके हैं और वहां तैयार होने वाले उत्पादों का निर्यात भी शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार आने वाले सात से आठ वर्षों में आठ और सेमीकंडक्टर संयंत्र शुरू होने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर निर्माण, आत्मनिर्भर भारत और तकनीकी क्षमता का विस्तार विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने देशवासियों से बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य जरूर हासिल करेगा।
