पीएम मोदी का SRCC में युवाओं को बड़ा संदेश: बड़े सपने देखो, दुनिया का नेतृत्व करने वाली भारतीय कंपनियां बनाओ

नई दिल्ली में आयोजित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं को भविष्य के भारत का नेतृत्व करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का भारत अवसरों का भारत है और यह समय केवल नौकरी खोजने का नहीं, बल्कि दुनिया को दिशा देने वाली भारतीय कंपनियां और तकनीक विकसित करने का है। प्रधानमंत्री ने छात्रों से बड़े लक्ष्य तय करने, नवाचार अपनाने और वैश्विक स्तर पर भारतीय पहचान मजबूत करने का आह्वान किया।
युवाओं से बड़े सपने देखने की अपील
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रतिभा आज दुनिया की कई बड़ी कंपनियों का नेतृत्व कर रही है। ऐसे में अब समय आ गया है कि भारतीय कंपनियां भी वैश्विक बाजार में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे सीमित सोच से बाहर निकलें और ऐसे स्टार्टअप तथा कंपनियां तैयार करें जो दुनिया के लिए उदाहरण बन सकें।
उन्होंने छात्रों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और नए क्षेत्रों में अवसर तलाशने की सलाह दी। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में भारत के युवा वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं।
स्टार्टअप, AI और ड्रोन तकनीक पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने युवाओं को स्टार्टअप इकोसिस्टम का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भारत में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और अब युवाओं को ऐसे नवाचार करने चाहिए जो पूरी दुनिया की समस्याओं का समाधान बन सकें।
उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में काम करने की अपील की। उनका कहना था कि भविष्य की अर्थव्यवस्था तकनीक आधारित होगी और भारत को इसमें अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
भारत की आर्थिक प्रगति का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार तेज आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भी भारत ने 7.8 प्रतिशत की तिमाही आर्थिक वृद्धि दर्ज की है, जो देश की मजबूत आर्थिक क्षमता और नीतिगत सुधारों का संकेत है।
उन्होंने कहा कि दुनिया आज भारत को तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था के रूप में देख रही है और निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
मेक इन इंडिया अभियान की सफलता
प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल आयात करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि कई क्षेत्रों में बड़ा निर्यातक बन चुका है।
उन्होंने बताया कि स्मार्टफोन निर्माण के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है और देश से स्मार्टफोन का निर्यात 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है। इससे लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं और भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। साथ ही रक्षा निर्यात में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा कि एक दशक पहले जहां रक्षा निर्यात कुछ सौ करोड़ रुपये के स्तर पर था, वहीं अब यह करीब 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इससे भारत की रक्षा निर्माण क्षमता और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिली है।
तेजी से बदल रहा है देश का इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बुनियादी ढांचे के विकास की गति पहले की तुलना में काफी तेज हुई है। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को पूरा होने में पहले कई दशक लग जाते थे, अब वे कुछ वर्षों में पूरी हो रही हैं।
रेलवे का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 तक देश की 30 प्रतिशत से भी कम रेलवे लाइनों का विद्युतीकरण हुआ था, जबकि पिछले 12 वर्षों में लगभग पूरे रेलवे नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है। इससे ऊर्जा बचत, बेहतर कनेक्टिविटी और तेज परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिला है।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं की भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे केवल अपने करियर तक सीमित न रहें, बल्कि देश के विकास में योगदान देने वाले नवाचार और उद्यम शुरू करें।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के युवाओं में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है और यही समय है जब बड़े सपनों को वास्तविक उपलब्धियों में बदला जाए। उनका संदेश था कि आत्मविश्वास, नवाचार और मेहनत के दम पर भारत वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से आगे बढ़ सकता है।
