पीएम मोदी ने मेट्रो सफर का वीडियो किया शेयर, विकसित भारत के लिए युवाओं को दिए बड़े लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में हिस्सा लेने के बाद अपनी मेट्रो यात्रा का वीडियो साझा करते हुए युवाओं के लिए विकसित भारत का बड़ा विजन पेश किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि यह समय बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले एक दशक में भारत की आर्थिक, तकनीकी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओं को भविष्य के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
मेट्रो यात्रा की झलक की साझा
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी मेट्रो यात्रा का वीडियो साझा किया, जिसमें वे आम यात्रियों के साथ सफर करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने यात्रियों से बातचीत भी की और यात्रा के अनुभव की झलक लोगों के साथ साझा की। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
SRCC के 100 साल पूरे होने पर छात्रों को संबोधित किया
श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने संस्थान की 100 वर्षों की यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज ने देश को अनेक ऐसे छात्र दिए हैं जिन्होंने व्यापार, प्रशासन, शिक्षा, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने संस्थान के संस्थापक सर श्री राम को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
2013 के भाषण की याद दिलाई
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2013 में SRCC में दिए गए भाषण को याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने सरकार की आलोचना करने के बजाय भारत के भविष्य की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत की थी। उन्होंने बताया कि उस भाषण में रखे गए विचार और विकसित भारत का सपना आज भी उनके सार्वजनिक जीवन का आधार बने हुए हैं।
उन्होंने “आधा भरा और आधा खाली गिलास” वाले उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि भारत को हमेशा पूरी तरह भरा हुआ गिलास मानना चाहिए, जिसमें आधा हिस्सा पानी और आधा हवा से भरा होता है। उनका संदेश था कि चुनौतियों के बीच भी सकारात्मक सोच देश को आगे बढ़ाती है।
भारत की आर्थिक प्रगति का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार तेज गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और व्यापारिक चुनौतियों के बीच भी देश ने मजबूत आर्थिक विकास दर्ज किया है। बिजली उत्पादन, वाहन बिक्री, स्टील और सीमेंट की बढ़ती खपत को उन्होंने आर्थिक गतिविधियों का संकेत बताया।
उन्होंने कहा कि एक समय भारत को नीति पक्षाघात वाले देश के रूप में देखा जाता था, जबकि आज देश नीति आधारित तेज फैसलों और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जन धन योजना से लेकर डिजिटल भारत तक
प्रधानमंत्री ने जन धन योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि करोड़ों नए बैंक खाते खुलने से देश के लगभग हर परिवार को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। उन्होंने इसे भारत की डिजिटल और फिनटेक क्रांति की मजबूत नींव बताया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है और आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाना संभव हुआ है।
मोबाइल और रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भर भारत
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। जो देश कभी मोबाइल फोन आयात पर निर्भर था, वह अब दुनिया के कई देशों को स्मार्टफोन निर्यात कर रहा है।
रक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात में भी लगातार वृद्धि हुई है। उनका कहना था कि आत्मनिर्भर भारत अभियान ने रक्षा उद्योग को नई मजबूती दी है और भारत वैश्विक रक्षा बाजार में अपनी पहचान बना रहा है।
युवाओं को दिए भविष्य के लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि आने वाला समय स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, कृषि, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे क्षेत्रों का है। उन्होंने युवाओं को ऐसे भारतीय स्टार्टअप बनाने की चुनौती दी जो वैश्विक कंपनियों को टक्कर दे सकें।
उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब, रिसर्च और इनोवेशन सेंटर तथा कृषि निर्यात की बड़ी ताकत बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही देश अपना स्पेस स्टेशन स्थापित करने और भविष्य में ओलंपिक की मेजबानी करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में दुनिया ने महामारी, युद्ध और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसी कई चुनौतियां देखीं, लेकिन भारत ने हर परिस्थिति में मजबूती दिखाई। उन्होंने छात्रों से आत्मनिर्भरता की भावना अपनाने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
उन्होंने युवाओं से कहा कि अब समय छोटे लक्ष्य नहीं बल्कि बड़े सपने तय करने और उन्हें उपलब्धियों में बदलने का है। यही नई पीढ़ी भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी।
