दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए न्यायिक जांच के आदेश,

नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुई दर्दनाक बिल्डिंग दुर्घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। इस हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी आदेश जारी किए गए हैं।
यह हादसा उस समय हुआ जब इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। देखते ही देखते पूरी इमारत भरभराकर गिर गई और उसमें मौजूद कई लोग मलबे में दब गए। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया, जो अब भी लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने लिया घटनास्थल का जायजा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे वाली जगह पहुंचकर राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि न्यायिक जांच के जरिए हादसे के हर पहलू की पड़ताल होगी और दोषियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष हो और जिन लोगों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई की जाए।
मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हुई
राहत अभियान के दौरान देर रात मलबे से एक और शव बरामद किया गया, जिसके बाद इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। कई लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज अस्पतालों में चल रहा है।
राहत एजेंसियां लगातार मलबा हटाने का काम कर रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से बचाव अभियान पूरी सतर्कता के साथ जारी रखा गया है।
एनडीआरएफ और कई एजेंसियां बचाव कार्य में जुटीं
घटना के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस और अन्य आपदा राहत एजेंसियों को मौके पर तैनात किया गया। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।
बचाव दल एक-एक हिस्से की सावधानीपूर्वक तलाशी ले रहे हैं ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। मौके पर एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी लगातार मौजूद हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने भी लिया हालात का जायजा
हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक से बातचीत कर राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए और बचाव अभियान में किसी तरह की कमी न रहे।
बेसमेंट में चल रहा था मरम्मत का काम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस समय बिल्डिंग गिरी, उस समय उसके बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण संबंधी काम चल रहा था। यह इमारत पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी, जहां बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग रहते थे।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और क्या निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी।
अवैध निर्माण पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने भी सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि चार से अधिक मंजिल वाली सभी अवैध निर्माण वाली इमारतों की पहचान कर उन्हें तत्काल सील किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त भी किया जा सकता है।
छात्रों के लिए कॉलेज बने अस्थायी आश्रय
सत्य निकेतन इलाके में बड़ी संख्या में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र पीजी में रहते हैं। हादसे के बाद कई पीजी खाली करा दिए गए, जिससे छात्रों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई।
इसी स्थिति को देखते हुए श्री वेंकटेश्वर कॉलेज ने एक दिन के लिए कॉलेज बंद रखने का फैसला किया और प्रभावित छात्रों को कक्षाओं में अस्थायी रूप से ठहराने की व्यवस्था की। वहीं आर्यभट्ट कॉलेज ने भी शिक्षण कार्य स्थगित कर परिसर को राहत और आश्रय केंद्र में बदल दिया है। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि इस कठिन समय में छात्रों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे की वास्तविक वजह सामने लाई जाएगी। यदि निर्माण, मरम्मत या प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही साबित होती है तो संबंधित सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
