दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम्स की बड़ी कार्रवाई, मिले 484 चांदी के सिक्के और एक सोने का सिक्का

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दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई एयरपोर्ट) पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो यात्रियों के सामान से बड़ी मात्रा में चांदी और सोने के सिक्के बरामद किए हैं। जांच के दौरान कुल 484 चांदी के सिक्के और एक सोने का सिक्का जब्त किया गया। इनमें से 134 चांदी के सिक्कों को पुरातात्विक महत्व का माना जा रहा है, जिसके चलते मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

अधिकारियों ने सिक्कों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 110 के तहत जब्त कर लिया है। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इन सिक्कों को भारत लाने का उद्देश्य क्या था।

दोहा से दिल्ली पहुंचे थे दोनों यात्री

जानकारी के अनुसार दोनों यात्री दो सितंबर को कतर की राजधानी दोहा से दिल्ली पहुंचे थे। अंतरराष्ट्रीय उड़ान से आने के बाद एयरपोर्ट पर नियमित जांच के दौरान सीमा शुल्क अधिकारियों को उनके सामान पर संदेह हुआ। इसके बाद दोनों यात्रियों को रोककर उनके बैग और अन्य सामान की गहन तलाशी ली गई।

जांच के दौरान अधिकारियों को बड़ी संख्या में चांदी और सोने के सिक्के मिले। बरामद सिक्कों का कुल वजन करीब 20.883 किलोग्राम बताया गया है, जो सामान्य व्यक्तिगत सामान की तुलना में काफी अधिक है।

134 सिक्के पुरातात्विक महत्व के निकले

जांच में सबसे अहम बात यह सामने आई कि बरामद किए गए 484 चांदी के सिक्कों में से 134 सिक्के पुरातात्विक महत्व के हैं। शुरुआती जांच के आधार पर इन सिक्कों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत का आकलन किया जा रहा है।

अब विशेषज्ञ इन सिक्कों की उम्र, उत्पत्ति और वास्तविक मूल्य की जांच करेंगे। यदि जांच में यह साबित होता है कि ये सिक्के ऐतिहासिक धरोहर से जुड़े हैं, तो मामले में अन्य कानूनी प्रावधान भी लागू हो सकते हैं।

कस्टम्स ने तुरंत जब्त किए सभी सिक्के

सीमा शुल्क अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए सभी बरामद सिक्कों को अपने कब्जे में ले लिया। जब्ती की प्रक्रिया सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत पूरी की गई। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में बरामद वस्तुओं की कानूनी स्थिति और उनके आयात से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाती है।

यदि कोई यात्री प्रतिबंधित या घोषित किए बिना मूल्यवान वस्तुएं लेकर आता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

जांच में कई पहलुओं पर फोकस

फिलहाल जांच एजेंसियां कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाश रही हैं।

  • सिक्कों को भारत लाने का वास्तविक उद्देश्य क्या था?
  • क्या यात्रियों ने इन सिक्कों की जानकारी कस्टम्स विभाग को दी थी?
  • क्या सिक्कों का आयात नियमों के अनुसार किया गया था?
  • पुरातात्विक महत्व वाले सिक्के भारत कैसे पहुंचे और उनका स्रोत क्या है?

इन सभी बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर निगरानी लगातार सख्त

दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जहां हर दिन हजारों यात्री विदेशों से आते हैं। ऐसे में सीमा शुल्क विभाग लगातार सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा, पुरावशेष और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों के सामान की स्कैनिंग, प्रोफाइलिंग और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाती है। इसी सतर्कता के चलते यह कार्रवाई संभव हो सकी।

पुरातात्विक वस्तुओं के मामले में नियम और भी सख्त

भारत में पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं के आयात और निर्यात को लेकर कड़े नियम लागू हैं। किसी भी ऐतिहासिक महत्व की वस्तु को बिना आवश्यक अनुमति या कानूनी प्रक्रिया के लाना या ले जाना गंभीर मामला माना जाता है।

ऐसे मामलों में संबंधित विभाग वस्तु की ऐतिहासिक पहचान, स्वामित्व और कानूनी दस्तावेजों की जांच करता है। यदि किसी तरह का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जांच जारी, सामने आ सकते हैं नए तथ्य

फिलहाल कस्टम्स विभाग ने सिक्कों को जब्त कर लिया है और दोनों यात्रियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का ध्यान इस बात पर है कि बरामद सिक्कों की वास्तविक कीमत, उनका स्रोत और उन्हें भारत लाने की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जाए। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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