ब्रिक्स बिजनेस फोरम: भारत-रूस व्यापार विस्तार और होर्मुज संकट पर वैश्विक दिग्गजों का मंथन

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शुक्रवार को आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम में वैश्विक आर्थिक सहयोग, भारत-रूस द्विपक्षीय व्यापार की प्रगति और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) में बढ़ती अस्थिरता के कारण जहाजों के बीमा प्रीमियम में उछाल जैसे अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस फोरम में भारत में रूसी दूतावास के प्रेस सचिव पेट्र सिजोव, ईरान इंश्योरर्स सिंडिकेट के महमूद असद समानी, रूस की जीएसबीआई लिमिटेड के संस्थापक व सीईओ एलेक्जेंडर कोकोव और बाकरी ग्रुप के सीईओ अनिंद्या नोवयान बाकरी ने भाग लिया और अपने विचार रखे।

भारत में रूसी दूतावास के प्रेस सचिव पेट्र सिजोव ने फोरम की शुरुआती बैठकों को एक सकारात्मक परंपरा बताते हुए मुख्य कार्यक्रमों के लिए उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने भारत की मेजबानी की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते और आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। दो हफ्तों के भीतर दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की यह दूसरी मुलाकात है, जिससे बिश्केक बैठक के बाद द्विपक्षीय संबंधों से उम्मीदें और ज्यादा बढ़ गई हैं।

समुद्री सुरक्षा और वित्तीय जोखिम पर चर्चा करते हुए ईरान इंश्योरर्स सिंडिकेट के महमूद असद समानी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जारी अस्थिरता से जहाजों की आवाजाही में जोखिम काफी बढ़ गया है। एक बीमा विशेषज्ञ के दृष्टिकोण से ऐसे हालात में उच्च प्रीमियम वसूला जाना स्वाभाविक और आवश्यक है। उन्होंने बताया कि बीमा उद्योग ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल के फाइनेंशियल सर्विसेज वर्किंग ग्रुप का अभिन्न हिस्सा है और इसी संदर्भ में इन बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।

जीएसबीआई लिमिटेड के सीईओ एलेक्जेंडर कोकोव ने भारत में मिले आर्थिक अवसरों और आयोजकों की कार्यशैली की प्रशंसा की। उन्होंने फिक्की द्वारा आयोजित बी2बी बैठकों को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि स्थायी कारोबारी माहौल और स्थिरता हर उद्यमी की प्राथमिकता है। कोकोव के अनुसार, भारत और रूस आर्थिक विकास, निवेश और व्यापार की एक अत्यंत आशाजनक यात्रा के शुरुआती चरण में हैं, जहां विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

इंडोनेशिया के बाकरी ग्रुप के सीईओ अनिंद्या नोवयान बाकरी ने इंडोनेशिया के ब्रिक्स परिवार में शामिल होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रबोवो के नेतृत्व में इंडोनेशिया ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। बाकरी ने रेखांकित किया कि ब्रिक्स का दायरा वैश्विक आबादी के आधे हिस्से, दुनिया की 40 फीसदी अर्थव्यवस्था और कुल विश्व व्यापार के लगभग एक-चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे इसके पास वैश्विक आर्थिक भविष्य को आकार देने की बड़ी जिम्मेदारी है।

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