नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। इस सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच एक अहम द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों देशों के विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश सचिव जैसे शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा प्रदान करना था।
भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी की नई दिशा
वार्ता की शुरुआत में दोनों शीर्ष नेताओं ने एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विशेष रूप से भारत पहुंचे हैं, जहां हवाई अड्डे पर भारत के राज्य मंत्री द्वारा उनका औपचारिक स्वागत किया गया था। दोनों नेताओं की यह मुलाकात भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच बने मजबूत रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान करती है। इसमें विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार विस्तार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
ब्रिक्स सम्मेलन 2026 का मुख्य उद्देश्य और थीम
भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन की मुख्य थीम ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ रखी गई है। यह विषयवस्तु जन-केंद्रित दृष्टिकोण और वैश्विक कल्याण की भावना को दर्शाती है। इस मंच के माध्यम से सभी सदस्य देश आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। इस आयोजन के माध्यम से भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और साझा विकास का संदेश दे रहा है।
ब्रिक्स संगठन का बढ़ता दायरा और वैश्विक प्रभाव
समय के साथ ब्रिक्स संगठन का स्वरूप और दायरा काफी व्यापक हो चुका है। वर्तमान में इसमें भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख देश शामिल हैं। इसके अलावा बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम जैसे कई अन्य देश भी सहयोगी राष्ट्रों के रूप में इस वैश्विक समूह से जुड़ चुके हैं, जो इसके बढ़ते प्रभाव को दिखाता है।
उच्च स्तरीय संवाद और भविष्य की योजनाएं
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस का यह भारत दौरा दोनों देशों के बीच जारी निरंतर संवाद की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पहले जी7 शिखर सम्मेलन के अवसर पर भी भारतीय प्रधानमंत्री और यूएई के राष्ट्रपति के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ था। उस दौरान प्रौद्योगिकी, निवेश, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई थी। चालू वर्ष के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच यह तीसरी मुलाकात है, जो भारत और यूएई के प्रगाढ़ होते कूटनीतिक संबंधों को प्रमाणित करती है।
