दिल्ली में पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की गर्मजोशी से भरी केमिस्ट्री ने दुनिया का ध्यान खींचा

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक दिग्गजों की ऐतिहासिक मुलाकात
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक कूटनीति के कई महत्वपूर्ण दृश्य सामने आए हैं। सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बेहद गर्मजोशी भरे पल साझा किए। तीनों शीर्ष नेताओं की मुस्कुराते हुए और एक-दूसरे का हाथ थामे तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई हैं। यह दृश्य उस मजबूत व्यक्तिगत और कूटनीतिक सौहार्द को दर्शाता है जो इन तीनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से लगातार गहरा होता दिखाई दे रहा है।
हालिया शिखर सम्मेलनों में दिखा नेताओं का आपसी तालमेल
ब्रिक्स के मंच पर दिखी यह केमिस्ट्री अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक खास संदेश दे रही है। इससे पहले शंघाई सहयोग संगठन के सम्मेलन के दौरान भी इन तीनों नेताओं के बीच ऐसा ही अनूठा तालमेल देखने को मिला था। तियानजिन में आयोजित कार्यक्रम में भी तीनों नेताओं ने अनौपचारिक बातचीत, वॉक और मुलाकात के दौरान अपने संबंधों की मजबूती को सार्वजनिक किया था। नई दिल्ली में सामने आई इन नई तस्वीरों और वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वैश्विक मुद्दों पर मतभेदों के बावजूद शीर्ष स्तर पर यह व्यक्तिगत संबंध काफी प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं।
भारत मंडपम में वैश्विक राष्ट्राध्यक्षों का भव्य स्वागत
भारत मंडपम पहुंचे सभी वैश्विक नेताओं का भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया गया। इस दौरान रूस और चीन के राष्ट्रपतियों के अलावा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी दर्ज की गई। सम्मेलन की शुरुआत से पहले का यह माहौल काफी सकारात्मक और वैश्विक सहयोग की भावना से भरा रहा।
12 और 13 सितंबर को दिल्ली में विचार-विमर्श का केंद्र
भारत 12 और 13 सितंबर को इस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। सम्मेलन में ब्रिक्स के स्थायी सदस्य देशों के साथ-साथ पार्टनर देशों के प्रतिनिधि और विशेष आमंत्रण पर आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। दिल्ली में हो रही यह बैठक आर्थिक सहयोग, व्यापार विस्तार और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने जैसे बहुआयामी विषयों पर केंद्रित है, जिसमें विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारत की अध्यक्षता का मूल मंत्र और भावी दृष्टि
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता मुख्य रूप से ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ की विषयवस्तु पर आधारित है। यह दूरदर्शी विचार पूरी तरह से मानवता को सर्वोपरि रखने वाले जन-केंद्रित दृष्टिकोण को बयां करता है। इस सम्मेलन के जरिए भारत वैश्विक मंच पर यह संदेश दे रहा है कि वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना केवल समावेशी सहयोग, तकनीक के सही इस्तेमाल और टिकाऊ विकास के माध्यम से ही संभव है।
