मेक इन इंडिया के 12 साल पूरे, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर डिफेंस सेक्टर तक भारत ने रचा नया इतिहास

Untitled-1

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया अभियान के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश की औद्योगिक प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज भारत में उत्पादन, निवेश और निर्यात तीनों में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस पहल की शुरुआत 25 सितंबर 2014 को भारत को वैश्विक विनिर्माण, डिजाइनिंग और नवाचार का केंद्र बनाने के उद्देश्य से की गई थी। वर्तमान समय में यह अभियान 27 अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहा है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सर्विस सेक्टर भी शामिल हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति बीते 12 वर्षों में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। मेक इन इंडिया की शुरुआत के समय जहां इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का दायरा सीमित था, वहीं आज यह कई गुना बढ़ चुका है। मोबाइल फोन निर्माण के मामले में भारत ने लंबी छलांग लगाई है। उत्पादन का मूल्य कई गुना बढ़ने के साथ-साथ भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है। घरेलू स्तर पर बने मोबाइल फोन न केवल भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए जा रहे हैं।

रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम सैन्य सामग्री और रक्षा उपकरणों के निर्माण में भारत ने नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। पिछले एक दशक में स्वदेशी रक्षा उत्पादों के कुल मूल्य में भारी इजाफा हुआ है। पहले जिन आधुनिक हथियारों और रक्षा प्रणालियों के लिए भारत पूरी तरह से दूसरे देशों पर निर्भर रहता था, अब उनका निर्माण देश के भीतर ही किया जा रहा है। इससे न केवल रक्षा बजट की बचत हो रही है बल्कि भारत की सुरक्षा स्थिति भी अधिक मजबूत हुई है।

ऑटोमोबाइल और वाहन निर्माण में निरंतर बढ़ोतरी भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग भी लगातार मजबूत हो रहा है। यात्री वाहनों से लेकर व्यावसायिक गाड़ियों तक के उत्पादन में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो गाड़ियों के कुल निर्माण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। नई तकनीकों और इलेक्ट्रिक वाहनों के आने से यह क्षेत्र अब और भी तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना रहा है।

स्वास्थ्य और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में बढ़ता प्रभुत्व दवा निर्माण और मेडिकल उपकरणों के क्षेत्र में भारत का वैश्विक प्रभाव काफी बढ़ा है। मात्रा के हिसाब से भारतीय फार्मा उद्योग दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है। इसके साथ ही देश के भीतर मेडिकल डिवाइस के निर्माण में भी तेजी आई है। अत्याधुनिक स्वास्थ्य उपकरणों का भारत में ही निर्माण होने से इलाज की लागत में कमी आई है और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार आसान हुआ है।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की मजबूत भूमिका मेक इन इंडिया अभियान ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित किया है। कोरोना महामारी और वैश्विक अस्थिरता के दौर में भी भारतीय विनिर्माण क्षेत्र ने स्थिर प्रदर्शन किया। आज दुनिया की बड़ी कंपनियां भारत को एक सुरक्षित और सक्षम मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन मान रही हैं, जिससे देश में रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed