पिछले 12 वर्षों में घटी शहर और गांव की दूरी, पीएम मोदी ने सेवा यात्रा मोटरसाइकिल रैली को किया संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से वडनगर के बीच आयोजित सेवा यात्रा मोटरसाइकिल रैली के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए देश में आए सामाजिक और बुनियादी बदलावों पर बात की। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों के दौरान भारत में शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच की दूरी काफी कम हुई है। केंद्र सरकार की नीतियों और विकास योजनाओं की वजह से आज देश के दूर-दराज गांवों तक बेहतर सुविधाएं पहुंच पा रही हैं, जिससे ग्रामीण भारत का जीवन स्तर सुधरा है।
महिलाओं में बढ़ी आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विशेष रूप से महिलाओं की स्थिति में आए सुधार का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद से देश में महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ी है और वे आर्थिक व सामाजिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर हुई हैं। सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं तक महिलाओं की पहुंच आसान हुई है, जिससे वे समाज में एक नया बदलाव ला रही हैं।
वोट बैंक की राजनीति से परे समाज सुधार पर बल राजनीतिक कार्यप्रणाली पर विचार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रतिभागियों से कहा कि काम केवल चुनाव या वोट बैंक तक सीमित नहीं होना चाहिए। वास्तविक जनसेवा वही है जो समाज में निरंतर सुधार और सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने युवाओं और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर जाकर लोगों की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए काम करें।
वडनगर से काशी तक सेवा यात्रा का महत्व यह मोटरसाइकिल रैली प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन में निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई है। गुजरात का वडनगर उनका जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका संसदीय क्षेत्र है। पीएम ने कहा कि वडनगर ने उन्हें जीवन के मूल संस्कार दिए और काशी की पावन धरा ने उन संस्कारों में सेवा के अनगिनत रंग भर दिए। यह यात्रा इन दोनों स्थानों के माध्यम से सेवा भावना को लोगों तक पहुंचा रही है।
जमीनी स्तर पर जनसंपर्क और सामाजिक कल्याण यह मोटरसाइकिल यात्रा विभिन्न कस्बों, जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों को जोड़ने का काम कर रही है। इसके माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, सामुदायिक कल्याण सुनिश्चित करने और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रा के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी सोच और सेवा का संदेश पहुंचाया जा रहा है।
