मौसम का बिगड़ा मिजाज: देश के 15 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, उत्तर प्रदेश में बाढ़ जैसे हालात

देशभर में बदलेगा मौसम का मिजाज
देश के विभिन्न हिस्सों में एक बार फिर कुदरत का कड़ा रुख देखने को मिल रहा है। आने वाले घंटों में कई राज्यों में मौसम तेजी से करवट ले सकता है। आसमान में छाये काले बादलों और तेज ठंडी हवाओं के बीच कई इलाकों में मुसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है। उत्तर से लेकर पूर्व तक के राज्यों में मौसम में भारी उथल-पुथल की आशंका जताई गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने के पूरे आसार दिखाई दे रहे हैं।
विशेष रूप से देश के लगभग 15 राज्यों में अगले आठ घंटों के दौरान मेघगर्जन, बिजली चमकने और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार बहुत तेज रह सकती है, जिससे पेड़ गिरने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश इलाकों में मौसम का असर साफ तौर पर दिखने वाला है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में मौसम की गतिविधियों में अचानक बदलाव दर्ज किया जा रहा है। पर्वतीय राज्यों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है, जहां पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ वहां घूमने गए पर्यटकों की परेशानी बढ़ सकती है। इसके साथ ही मैदानी इलाकों में भी बारिश और ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। राजस्थान के कई इलाकों में भी धूलभरी आंधी के साथ गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बदले हालात
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का रुख काफी बदल गया है। राजधानी में दिनभर घने बादल छाए रहने के साथ-साथ रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। तेज हवाओं के कारण मौसम में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, हालांकि बारिश के चलते सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी रविवार को बारिश का प्रभाव सबसे ज्यादा रहने का अनुमान जताया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बारिश की वजह से दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ा है और लोग आवश्यक काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जलभराव और बाढ़ का खतरा
उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में पिछले कुछ समय से जारी मूसलाधार बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। राज्य के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बने मौसम के विशेष दबाव तंत्र के कारण स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है। लगातार हो रही बारिश के पानी की सही निकासी न होने के कारण कई शहरों में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गई हैं।
बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसा मंजर उत्पन्न होने लगा है। कई इलाकों में तो खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
आने वाले समय के लिए सावधानियां और चेतावनी
दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने मौसमी दबाव के कारण अगले कुछ घंटों तक बारिश का यह दौर थमने वाला नहीं है। स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और अनावश्यक यात्रा से बचने का परामर्श दिया गया है। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे रुकने से बचने की भी अपील की गई है।
जलभराव वाले इलाकों में जल जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन द्वारा स्वच्छता और पानी की निकासी के प्रयास बढ़ा दिए गए हैं। आने वाले चौबीस घंटों के दौरान मौसम का यह कड़ा रुख जारी रहने की उम्मीद है, इसलिए सभी को सतर्क रहने और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।
