ऐप्पल पे की भारत में धमाकेदार एंट्री: एक्सिस बैंक के साथ मिलाया हाथ, जानें कैसे करेगा काम

भारत के डिजिटल बाज़ार में नई क्रांति
डिजिटल तकनीक के दौर में भारत ने दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। कैशलेस अर्थव्यवस्था की दिशा में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी विशाल बाज़ार और संभावनाओं को देखते हुए एक दिग्गज वैश्विक टेक कंपनी ने भारत में अपनी डिजिटल भुगतान सेवा की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। एक प्रमुख निजी बैंक के साथ साझेदारी करके इस सेवा को भारतीय यूज़र्स के लिए पेश किया गया है।
एक्सिस बैंक बना पहला साझेदार
इस नई शुरुआत के तहत एक्सिस बैंक भारत का पहला ऐसा बैंक बन गया है जो अपने ग्राहकों को यह आधुनिक भुगतान सुविधा प्रदान कर रहा है। शुरुआती चरण में यह सुविधा केवल उन ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी जिनके पास वीजा और मास्टरकार्ड नेटवर्क पर आधारित क्रेडिट कार्ड हैं। हालांकि, घरेलू रूपे नेटवर्क पर जारी किए गए कार्डधारक फिलहाल इस सेवा का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
डिजिटल सुरक्षा और गोपनीयता पर जोर
कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि भारतीय उपभोक्ता बेहद तेज़ी से डिजिटल और कैशलेस माध्यमों को अपना रहे हैं। इसके साथ ही वे लेन-देन के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता के उच्चतम मानकों की उम्मीद भी करते हैं। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए इस सेवा को भारतीय बाज़ार के अनुकूल तैयार करके पेश किया गया है।
बाज़ार में क्रेडिट कार्ड का दायरा
भारतीय बाज़ार में क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। देश भर में करोड़ों क्रेडिट कार्ड चालू स्थिति में हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा एक्सिस बैंक के पास है। इतने बड़े यूज़र बेस के साथ इस सेवा का भारत में आना एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल बाज़ार में से एक है।
अन्य प्रमुख बैंकों के साथ बातचीत जारी
कंपनी भारत के अन्य बड़े निजी बैंकों जैसे एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के साथ भी अपनी सेवा विस्तार को लेकर चर्चा कर रही है। हालांकि, व्यावसायिक शर्तों पर अंतिम सहमति न बन पाने के कारण अभी अन्य बैंकों के ग्राहक इस सुविधा से बाहर हैं। आने वाले समय में अन्य बैंकों के साथ करार होने की संभावना जताई जा रही है।
यूपीआई के प्रभुत्व के बीच नई चुनौती
भारत का डिजिटल भुगतान बाज़ार मुख्य रूप से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई के नियंत्रण में है। देश के कुल डिजिटल लेन-देन में यूपीआई की हिस्सेदारी का दायरा सबसे बड़ा है और यह दुनिया की सबसे बड़ी खुदरा भुगतान प्रणाली मानी जाती है। ऐसे स्थापित तंत्र के बीच नई कार्ड-आधारित भुगतान सेवा का आना बाज़ार को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
कार्ड जोड़ने की आसान प्रक्रिया
ग्राहक अपनी इस नई सेवा का लाभ उठाने के लिए पात्र क्रेडिट कार्ड को बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप या फिर ऐप्पल वॉलेट ऐप के माध्यम से आसानी से जोड़ सकते हैं। एक बार कार्ड सफलतापूर्वक जुड़ जाने के बाद यूज़र्स अपने आईफोन, ऐप्पल वॉच या आईपैड का उपयोग करके दुकानों, ऑनलाइन शॉपिंग और ऐप्स पर आसानी से भुगतान कर सकेंगे।
बिना पिन और ओटीपी के सुरक्षित लेन-देन
इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत इसका लेन-देन का तरीका है। भुगतान करते समय यूज़र्स को पारंपरिक कार्ड पिन या वन-टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, लेन-देन की पुष्टि और सुरक्षा बायोमेट्रिक माध्यमों जैसे फेस आईडी, टच आईडी या डिवाइस के पासकोड के ज़रिए की जाएगी, जो भुगतान को तेज़ और सुरक्षित बनाता है।
