भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान, स्मृति ईरानी समेत 10 महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी; 6 अल्पसंख्यक नेताओं को भी जगह

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान, स्मृति ईरानी समेत 10 महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को अपने राष्ट्रीय संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में गठित इस नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों, महिलाओं, अल्पसंख्यक समुदायों और अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों को जगह दी गई है। भाजपा ने इसे संगठन में व्यापक सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम बताया है।
नई राष्ट्रीय टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी संगठन में उनकी नई भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्मृति ईरानी के अलावा राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व प्रमुख रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं कविता पाटीदार और संगीता यादव को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
भाजपा ने महिला नेतृत्व को संगठन में और मजबूत करते हुए रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके अलावा प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है। पार्टी के मुताबिक नई टीम में कुल 10 महिला नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। इससे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में महिलाओं की भूमिका को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
नई टीम में अल्पसंख्यक समुदायों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। भाजपा के अनुसार राष्ट्रीय संगठन में सिख, ईसाई, मुस्लिम, जैन और पारसी समुदायों से जुड़े नेताओं को शामिल किया गया है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे ए.के. एंटनी के बेटे अनिल एंटनी को राष्ट्रीय सचिव के पद पर बरकरार रखा गया है। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले नेताओं को संगठन में जगह देने का संदेश दिया है।
पार्टी ने बताया कि नई राष्ट्रीय टीम में देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व है। भाजपा का कहना है कि इससे राष्ट्रीय संगठन को अलग-अलग क्षेत्रों की राजनीतिक परिस्थितियों और स्थानीय मुद्दों को समझने में मदद मिलेगी। पार्टी के मुताबिक भौगोलिक विविधता के साथ सामाजिक संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
पूर्वोत्तर भारत को भी नई टीम में विशेष महत्व दिया गया है। त्रिपुरा, असम और नागालैंड से क्षेत्रीय नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह दी गई है। इसके अलावा संबित पात्रा के नेतृत्व में नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेशन सेल को जारी रखा गया है। इससे भाजपा के पूर्वोत्तर राज्यों पर बढ़ते संगठनात्मक फोकस का संकेत मिलता है।
सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदायों को भी टीम में स्थान दिया गया है। पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर क्षेत्र से चार आदिवासी प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिनमें दो महिलाएं हैं। वहीं उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश से अनुसूचित जाति समुदाय के तीन नेताओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम को आगामी राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी ने अनुभवी नेतृत्व, युवा ऊर्जा, महिला भागीदारी, सामाजिक समावेश और क्षेत्रीय संतुलन को एक साथ साधने की कोशिश की है। अब नई टीम के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ विभिन्न राज्यों में पार्टी की राजनीतिक रणनीति को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
