भारत-थाईलैंड सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ 18 अगस्त से शुरू, जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन की होगी ट्रेनिंग

भारत और थाईलैंड के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाला द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ 18 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 31 अगस्त तक चलेगा। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समन्वय और संचालन क्षमता को बढ़ाना है। इस दौरान जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उग्रवाद तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़ी रणनीतियों और प्रक्रियाओं का संयुक्त रूप से अभ्यास किया जाएगा।
भारत-थाईलैंड संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ का आयोजन थाईलैंड के सूरत थानी प्रांत में स्थित विभावदि रंगसित शिविर में किया जाएगा। भारतीय सेना की टुकड़ी अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए थाईलैंड रवाना हो चुकी है। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ-साथ सैनिकों को अलग-अलग परिस्थितियों में एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी देगा।
‘मैत्री’ अभ्यास के इस 15वें संस्करण में भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना की ओर से 85-85 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय दल में मुख्य रूप से 9 गोरखा राइफल्स के जवान शामिल हैं। वहीं थाईलैंड की ओर से रॉयल थाई सेना की 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। दोनों देशों की टुकड़ियां कंपनी स्तर पर संयुक्त प्रशिक्षण करेंगी।
इस सैन्य अभ्यास में जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में संयुक्त अभियानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों को आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने की विभिन्न रणनीतियों का अभ्यास कराया जाएगा। दोनों सेनाएं संयुक्त अभियान के दौरान एक-दूसरे के साथ बेहतर तालमेल, संचार और परिचालन समन्वय विकसित करने पर भी काम करेंगी।
अभ्यास का एक महत्वपूर्ण पहलू संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय-7 के तहत अभियानों की तैयारी है। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं को ऐसी परिस्थितियों में संयुक्त रूप से अभियान संचालित करने के लिए तैयार करना है, जिनमें आतंकवाद या उग्रवाद जैसी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की आवश्यकता हो। इस दौरान दोनों सेनाओं के जवान अपने अनुभव और सैन्य प्रक्रियाएं साझा करेंगे।
भारत और थाईलैंड के बीच ‘मैत्री’ सैन्य अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2006 में हुई थी। तब से यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित सैन्य सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बना हुआ है। अभ्यास के माध्यम से दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, रणनीति और बेहतर सैन्य तौर-तरीकों को समझने का अवसर प्राप्त करते हैं।
‘मैत्री’ का पिछला संस्करण सितंबर 2025 में भारत के मेघालय स्थित उमरोई फॉरेन ट्रेनिंग नोड में आयोजित किया गया था। इस बार अभ्यास की मेजबानी थाईलैंड कर रहा है। दोनों देशों के बीच बारी-बारी से आयोजित होने वाला यह सैन्य अभ्यास आपसी रक्षा संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
भारत और थाईलैंड के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ‘मैत्री’ के दौरान होने वाला संयुक्त प्रशिक्षण दोनों सेनाओं की परिचालन क्षमता बढ़ाने के साथ भविष्य में किसी संयुक्त अभियान की स्थिति में बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद करेगा।
