नमो भारत रैपिड रेल ने रचा इतिहास, 4.5 करोड़ से ज्यादा यात्रियों ने किया सफर; जल्द बढ़ेंगे नए कॉरिडोर

दिल्ली-एनसीआर में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने वाली नमो भारत रैपिड रेल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर संचालित इस क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम से अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएं दर्ज की जा चुकी हैं। यह आंकड़ा बताता है कि तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। नमो भारत सेवा ने दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए आवागमन के नए विकल्प उपलब्ध कराए हैं।
नमो भारत के परिचालन के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘नमो भारत दिवस 2026’ कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस उपलब्धि को आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी केवल यात्रा का समय कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रोजगार, शिक्षा और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी खुलते हैं।
नमो भारत ने पार किया 4.5 करोड़ यात्री यात्राओं का आंकड़ा
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन का परिचालन अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन किया था। लगभग 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के प्रमुख शहरी केंद्रों के बीच तेज और व्यवस्थित संपर्क उपलब्ध कराना है।
तीन वर्षों की यात्रा में इस परिवहन प्रणाली ने 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राओं का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि क्षेत्रीय रेल परिवहन के प्रति यात्रियों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है। खासकर उन लोगों के लिए यह सेवा उपयोगी साबित हो रही है, जिन्हें नौकरी, कारोबार, पढ़ाई या अन्य जरूरी कामों के लिए दिल्ली और मेरठ के बीच नियमित रूप से यात्रा करनी पड़ती है।
नमो भारत की आधुनिक सुविधाएं, नियमित परिचालन और तेज गति इसे पारंपरिक सड़क परिवहन के मुकाबले एक महत्वपूर्ण विकल्प बनाते हैं। बढ़ते यात्री आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में बेहतर सार्वजनिक परिवहन की मांग लगातार बनी हुई है।
रोजाना 1.1 लाख से ज्यादा यात्री कर रहे सफर
नमो भारत ट्रेन का इस्तेमाल प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री कर रहे हैं। इस सेवा ने एक दिन में लगभग 1.68 लाख यात्रियों का रिकॉर्ड भी दर्ज किया है। यात्रियों की यह संख्या इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था लोगों की दैनिक जरूरतों से तेजी से जुड़ रही है।
दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ जैसे शहरों के बीच आवागमन करने वाले लोगों के लिए समय की बचत महत्वपूर्ण है। सड़क मार्ग पर यातायात का दबाव, भीड़ और यात्रा में लगने वाला अतिरिक्त समय कई बार परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में नमो भारत जैसी तेज रेल सेवा यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने का वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराती है।
नियमित और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था से कर्मचारियों, विद्यार्थियों और कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ मिलता है। इसके अलावा, बेहतर कनेक्टिविटी के कारण लोग दूसरे शहरों में उपलब्ध रोजगार और शिक्षा के अवसरों तक भी आसानी से पहुंच सकते हैं।
मनोहर लाल खट्टर ने बताया क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण माध्यम
नमो भारत दिवस 2026 कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि नमो भारत रैपिड रेल देश में क्षेत्रीय संपर्क के एक नए युग की शुरुआत कर रही है। उनके अनुसार, आधुनिक परिवहन व्यवस्था का उद्देश्य केवल शहरों के बीच की दूरी कम करना नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर अवसरों से जोड़ना भी है।
उन्होंने इस परियोजना को पूरा करने में योगदान देने वाले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम यानी एनसीआरटीसी के अधिकारियों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों, कर्मचारियों और श्रमिकों की सराहना की। किसी भी बड़े परिवहन प्रोजेक्ट को सफल बनाने में योजना, तकनीकी दक्षता, निर्माण कार्य और लगातार बेहतर परिचालन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
नमो भारत परियोजना के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में क्षेत्रीय आवागमन को व्यवस्थित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। बेहतर परिवहन से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और आसपास के शहरों के बीच सामाजिक तथा व्यावसायिक संपर्क भी मजबूत हो सकता है।
जल्द आगे बढ़ सकते हैं नए नमो भारत कॉरिडोर
नमो भारत नेटवर्क के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण संभावनाएं सामने आ रही हैं। दिल्ली-पानीपत-कर्नाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बेहरोर कॉरिडोर को जल्द मंजूरी मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं, गाजियाबाद-जेवर और नोएडा-फरीदाबाद-गुरुग्राम कॉरिडोर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर के चरण में हैं।
यदि इन प्रस्तावित परियोजनाओं को मंजूरी मिलती है और आगे निर्माण कार्य शुरू होता है, तो दिल्ली-एनसीआर के कई महत्वपूर्ण शहरी और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क मजबूत हो सकता है। इससे उन यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो रोजाना लंबी दूरी तय करके काम पर जाते हैं या अलग-अलग शहरों में व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े हैं।
हालांकि, प्रस्तावित कॉरिडोर की वास्तविक समयसीमा, निर्माण की शुरुआत और परिचालन की तारीख संबंधित मंजूरियों तथा परियोजना की प्रगति पर निर्भर करेगी। इन विस्तार योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को अधिक व्यापक बनाना है।
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से यात्रियों को मिलेगा फायदा
नमो भारत के तीन वर्षों की उपलब्धियों में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और फर्स्ट माइल तथा लास्ट माइल सुविधाओं में सुधार पर भी जोर दिया गया। किसी भी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि यात्री अपने घर से स्टेशन तक और स्टेशन से अंतिम गंतव्य तक कितनी आसानी से पहुंच पाते हैं।
यदि रेल सेवा को मेट्रो, बस और परिवहन के अन्य साधनों से बेहतर तरीके से जोड़ा जाता है, तो यात्रियों की पूरी यात्रा अधिक सुविधाजनक बन सकती है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने में भी मदद मिल सकती है।
एनसीआरटीसी यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न सुविधाओं और परिचालन सुधारों पर काम कर रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुलभ और भरोसेमंद बनाना है।
सौर ऊर्जा से टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा
नमो भारत परियोजना में पर्यावरणीय स्थिरता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ‘सोलर ऑन ट्रैक’ पहल और 110 मेगावाट क्षमता वाले कैप्टिव सोलर पावर प्लांट जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया। इन पहलों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था की ऊर्जा जरूरतों को अधिक टिकाऊ तरीके से पूरा करना है।
सार्वजनिक परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाकर लंबे समय में परिचालन को अधिक टिकाऊ बनाने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शालभ गोयल ने कहा कि संगठन की स्थापना आधुनिक, सुरक्षित, भरोसेमंद और पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्रीय परिवहन प्रणाली विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने नमो भारत की यात्रा को इस बात का उदाहरण बताया कि आधुनिक सार्वजनिक परिवहन किस तरह लोगों को नए अवसरों से जोड़ सकता है।
कुल मिलाकर, नमो भारत के 4.5 करोड़ से अधिक यात्री यात्राओं के आंकड़े को पार करना दिल्ली-एनसीआर की परिवहन व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रस्तावित नए कॉरिडोर, बेहतर कनेक्टिविटी और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी पहलें आने वाले समय में क्षेत्रीय परिवहन को नई दिशा दे सकती हैं।
