सऊदी अरब के लिए एयर इंडिया की उड़ानें 7 नवंबर तक निलंबित, उमराह यात्रियों की वापसी के लिए भारत सरकार सक्रिय

air-india

सऊदी अरब में सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपनी कुछ उड़ानों का निलंबन आगे बढ़ा दिया है। भारतीय यात्रियों के लिए जारी ताजा जानकारी के मुताबिक, रियाद और दम्माम आने-जाने वाली दोनों एयरलाइंस की उड़ानें 7 नवंबर तक बंद रहेंगी। वहीं, जेद्दा के लिए हवाई सेवाएं 31 अक्टूबर तक निलंबित रहेंगी। इस फैसले से सऊदी अरब में मौजूद भारतीय यात्रियों, खासकर उमराह करके लौटने की प्रतीक्षा कर रहे लोगों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि सऊदी अरब में फंसे भारतीय उमराह यात्रियों की सुरक्षित और जल्द वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास संबंधित एयरलाइंस, टूर ऑपरेटरों तथा स्थानीय संपर्कों के साथ समन्वय कर रहे हैं, ताकि यात्रियों की वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा सके।

रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर तक बंद

सऊदी अरब में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों की घटनाओं के बाद रियाद और दम्माम के लिए हवाई सेवाओं को निलंबित रखने का फैसला किया गया है। दोनों शहरों के हवाई अड्डों पर सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों को देखते हुए उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की रियाद तथा दम्माम आने-जाने वाली उड़ानें 7 नवंबर तक निलंबित रहेंगी। जेद्दा के लिए दोनों एयरलाइंस की सेवाएं 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगी। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि सुरक्षा परिस्थितियों के अनुसार कार्यक्रम में बदलाव हो सकता है।

इन उड़ानों के निलंबन का असर उन भारतीय नागरिकों पर भी पड़ सकता है, जो काम, कारोबार, धार्मिक यात्रा या पारिवारिक कारणों से सऊदी अरब आते-जाते हैं।

सऊदी अरब में फंसे उमराह यात्रियों की वापसी के प्रयास

भारत सरकार सऊदी अरब में मौजूद उन उमराह यात्रियों की वापसी को प्राथमिकता दे रही है, जिनकी यात्रा उड़ानों के निलंबन के कारण प्रभावित हुई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास यात्रियों की सहायता के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

सरकार के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह के दौरान लगभग 3,000 फंसे हुए उमराह यात्री सऊदी अरब से भारत लौट चुके हैं। इसके अलावा 10,000 से अधिक सामान्य उमराह यात्री भी स्वदेश वापस आए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बड़ी संख्या में यात्रियों की वापसी संभव हुई है, हालांकि कुछ लोगों के लिए अभी भी यात्रा की व्यवस्था की जा रही है।

शेष यात्रियों को भारत लाने के लिए एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ बातचीत जारी है। सरकार का प्रयास है कि यात्रियों को उपलब्ध उड़ानों और अन्य व्यावहारिक विकल्पों के अनुसार जल्द से जल्द स्वदेश पहुंचाया जा सके।

भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास लगातार संपर्क में

सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास लगातार समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों के साथ सामुदायिक स्वयंसेवक भी यात्रियों की जरूरतों को समझने और उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं।

यात्रा प्रभावित होने की स्थिति में यात्रियों को अपने टूर ऑपरेटर, एयरलाइन और संबंधित भारतीय मिशन से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी जाती है। टिकट, पासपोर्ट, वीजा और होटल से संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखना भी जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्रा में बदलाव करना आसान हो।

रियाद और जेद्दा में भारतीय नागरिकों की मदद के लिए 24 घंटे संचालित होने वाले कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। इनके माध्यम से प्रभावित भारतीयों को सहायता और जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

24 घंटे कंट्रोल रूम और नियमित एडवाइजरी जारी

सऊदी अरब में बदलती परिस्थितियों के बीच भारतीय नागरिकों तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाना महत्वपूर्ण हो गया है। इसी उद्देश्य से भारतीय मिशन नियमित एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। इन सलाहों में स्थानीय हालात, यात्रा संबंधी सावधानियों और उपलब्ध सहायता व्यवस्था की जानकारी दी जाती है।

भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अनधिकृत सूचनाओं या सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट संदेशों के आधार पर यात्रा संबंधी निर्णय न लें। उड़ानों की स्थिति और वापसी की व्यवस्था के बारे में एयरलाइन तथा आधिकारिक भारतीय मिशनों से पुष्टि करना बेहतर होगा।

जो यात्री सऊदी अरब में फंसे हुए हैं, उन्हें अपने परिवार के संपर्क में रहने और अपने टूर ऑपरेटर से नियमित जानकारी लेते रहने की जरूरत है। किसी आपात स्थिति में संबंधित कंट्रोल रूम से सहायता मांगी जा सकती है।

सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा ढांचे पर हमलों की निंदा

भारत ने सऊदी अरब में नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की है। प्रभावित स्थानों में किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और अरामको के शायबा तेल क्षेत्र का उल्लेख किया गया है। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दम्माम हवाई अड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य भारतीय घायल हुए। शायबा तेल क्षेत्र पर हुए हमले में भी एक भारतीय नागरिक के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

इन घटनाओं के बाद प्रभावित भारतीयों की सहायता और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नागरिक हवाई अड्डों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों का असर केवल स्थानीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा, कामकाज और आम नागरिकों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है।

यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

सऊदी अरब से भारत लौटने की योजना बना रहे यात्रियों को सबसे पहले अपनी उड़ान की मौजूदा स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। यदि टिकट पहले से बुक है, तो एयरलाइन से रिफंड, रीबुकिंग या वैकल्पिक उड़ान के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। उमराह समूहों के साथ यात्रा कर रहे लोगों को अपने टूर ऑपरेटर के संपर्क में रहना चाहिए।

यात्रियों को अपनी यात्रा से जुड़े दस्तावेज, स्थानीय संपर्क नंबर और भारतीय मिशन की एडवाइजरी अपने पास रखनी चाहिए। बिना पुष्टि के हवाई अड्डे के लिए निकलने से बचना भी उपयोगी हो सकता है, क्योंकि उड़ानों के कार्यक्रम में बदलाव संभव है।

भारत सरकार की प्राथमिकता सुरक्षित वापसी

सऊदी अरब के लिए कुछ उड़ानों का निलंबन भारतीय यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। हालांकि, सरकार और भारतीय मिशनों की ओर से फंसे हुए उमराह यात्रियों की वापसी के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है। बड़ी संख्या में यात्रियों की वापसी हो चुकी है और बाकी लोगों के लिए व्यवस्था करने के प्रयास जारी हैं।

फिलहाल रियाद और दम्माम की उड़ानें 7 नवंबर तक तथा जेद्दा की उड़ानें 31 अक्टूबर तक निलंबित रहने की जानकारी दी गई है। यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले ताजा अपडेट की पुष्टि करनी चाहिए। क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होने और सुरक्षित हवाई संचालन की अनुमति मिलने के बाद ही सेवाओं की बहाली को लेकर स्पष्टता आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *