वाराणसी में पीएम मोदी के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब, गंगा के ऊपर एयर शो में दिखेगा 100 विमानों का दम

9e25ea70-5e70-4d8a-aa69-c8d5d227e7a9 (1)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान रविवार को शहर में उत्साह और उत्सव का माहौल देखने को मिला। पुलिस लाइन से नमो घाट तक करीब सात किलोमीटर लंबे मार्ग पर बड़ी संख्या में लोग प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए जुटे। जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई, ढोल-नगाड़े बजाए गए और हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से अपने काफिले के साथ नमो घाट पहुंचे, जहां भारतीय वायुसेना के विशेष एयर शो का आयोजन किया गया।

प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए लोग सुबह से ही प्रमुख मार्गों और स्वागत स्थलों पर पहुंचने लगे थे। इस दौरान कई जगहों पर लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर उनका अभिनंदन किया। गंगा तट पर आयोजित एयर शो को लेकर भी दर्शकों में खासा उत्साह नजर आया।

पुलिस लाइन से नमो घाट तक हुआ भव्य स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला पुलिस लाइन से रवाना होकर सांस्कृतिक संकुल, चौकाघाट, कज्जाकपुरा और राजघाट पुल होते हुए नमो घाट पहुंचा। करीब सात किलोमीटर के इस मार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए थे। बैरिकेडिंग के दोनों ओर लोग खड़े होकर प्रधानमंत्री के आगमन का इंतजार करते दिखाई दिए।

भदऊचुंगी समेत कई इलाकों में बड़ी संख्या में समर्थक एकत्र हुए। स्वागत के दौरान फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गईं और देशभक्ति गीतों के माध्यम से उत्साह व्यक्त किया गया। प्रधानमंत्री ने भी कुछ स्थानों पर वाहन से बाहर निकलकर लोगों की ओर हाथ हिलाया और उनका अभिवादन स्वीकार किया।

शहर के प्रमुख मार्गों पर दिखाई दिया यह उत्साह प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर लोगों की दिलचस्पी को दर्शाता रहा। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी करती रहीं।

नमो घाट पर एयर शो के लिए जुटे हजारों दर्शक

नमो घाट पहुंचने पर भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। गंगा तट पर आयोजित कार्यक्रम स्थल पर लोगों ने नारों और जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया। घाटों और आसपास के इलाकों में सुबह से ही चहल-पहल बढ़ गई थी।

दर्शक घाटों की सीढ़ियों और निर्धारित स्थानों पर बैठकर हवाई प्रदर्शन देखने का इंतजार करते रहे। गंगा के दूसरे किनारे डोमरी, बहादुरपुर और कटेसर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों की भीड़ दिखाई दी। नदी के किनारे से आसमान में उड़ते विमानों और हेलीकॉप्टरों को देखने के लिए लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर जगह बनाई।

इस कार्यक्रम ने वाराणसी के घाटों पर एक अलग तरह का नजारा पेश किया, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ आधुनिक सैन्य विमानन का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र बना।

‘विंग्स ओवर गंगा’ में दिखेगी भारतीय वायुसेना की ताकत

भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एयर शो को ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम दिया गया है। कार्यक्रम में करीब 100 विमानों के शामिल होने की जानकारी दी गई, जिनमें राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। इनमें 52 लड़ाकू विमानों के हिस्सा लेने की बात कही गई है।

इस एयर शो का उद्देश्य भारतीय वायुसेना की उड़ान क्षमता, तकनीकी दक्षता और हवाई संचालन में समन्वय को प्रदर्शित करना है। लड़ाकू विमानों के साथ हेलीकॉप्टरों की प्रस्तुतियां भी दर्शकों के लिए खास आकर्षण बनी हुई हैं।

राफेल और सुखोई जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे विमानों की हवाई प्रस्तुतियों के दौरान उनकी गति, उड़ान कौशल और पायलटों के समन्वय को देखने का अवसर मिलता है। हालांकि, एयर शो में होने वाली प्रत्येक प्रस्तुति का स्वरूप निर्धारित कार्यक्रम और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

सारंग टीम के हेलीकॉप्टर करतबों ने खींचा ध्यान

एयर शो में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। ध्रुव हेलीकॉप्टरों से बनी इस टीम ने गंगा के ऊपर सामूहिक उड़ान और सटीक तालमेल का प्रदर्शन किया।

हेलीकॉप्टरों की एक साथ उड़ान, नियंत्रित मोड़ और समूह में बदलती आकृतियां इस तरह के हवाई प्रदर्शन की खास पहचान होती हैं। इन करतबों के लिए पायलटों के बीच बेहतरीन समन्वय, सटीक नियंत्रण और लंबे अभ्यास की जरूरत होती है।

घाटों पर मौजूद दर्शक आसमान में हेलीकॉप्टरों की गतिविधियों को उत्सुकता से देखते नजर आए। गंगा के ऊपर उड़ते विमानों और हेलीकॉप्टरों ने कार्यक्रम को खास बना दिया। वाराणसी जैसे ऐतिहासिक शहर में नदी के ऊपर आयोजित इस तरह का प्रदर्शन दर्शकों के लिए अलग अनुभव प्रस्तुत करता है।

टेक्सटाइल यूनिट का उद्घाटन कर नमो घाट पहुंचे पीएम मोदी

एयर शो में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई टेक्सटाइल विनिर्माण इकाई का उद्घाटन कर चुके थे। करीब सात एकड़ क्षेत्र में स्थापित इस इकाई में विभिन्न प्रकार के परिधानों का उत्पादन किया जाएगा।

इस परियोजना को वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधुनिक कपड़ा विनिर्माण इकाई से उत्पादन क्षमता के विस्तार और रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। विशेष रूप से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।

इस तरह प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे में औद्योगिक विकास और सैन्य विमानन, दोनों से जुड़े कार्यक्रम शामिल रहे। एक ओर नई विनिर्माण इकाई का उद्घाटन हुआ, वहीं दूसरी ओर गंगा तट पर भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाला एयर शो आयोजित किया गया।

सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट

प्रधानमंत्री के दौरे और एयर शो को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस और प्रशासन की टीमें प्रमुख मार्गों, स्वागत स्थलों और नमो घाट के आसपास तैनात रहीं। भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रखने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई।

बड़ी संख्या में दर्शकों के एकत्र होने के कारण कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण था। सुरक्षा कर्मियों ने प्रधानमंत्री के काफिले के मार्ग पर निगरानी रखी और निर्धारित स्थानों पर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया।

ऐसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात प्रबंधन भी जरूरी होता है, ताकि आम नागरिकों और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को कम से कम परेशानी हो।

गंगा तट पर देशभक्ति और उत्साह का माहौल

प्रधानमंत्री के स्वागत से लेकर एयर शो की तैयारियों तक वाराणसी में रविवार को उत्साह का माहौल बना रहा। सड़कों पर उमड़ी भीड़, फूलों की वर्षा, ढोल-नगाड़े और हर-हर महादेव के उद्घोष ने शहर के वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

वहीं, ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने भारतीय वायुसेना की उड़ान क्षमताओं और हेलीकॉप्टर प्रदर्शन को देखने का अवसर दिया। राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों के साथ सारंग टीम के करतब दर्शकों की दिलचस्पी का प्रमुख केंद्र रहे।

प्रधानमंत्री का यह दौरा औद्योगिक विकास और भारतीय वायुसेना के प्रदर्शन से जुड़े कार्यक्रमों के कारण चर्चा में रहा। वाराणसी के गंगा घाटों पर उमड़ी भीड़ और आसमान में होने वाली हवाई प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को खास पहचान दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *