चक्रवात मुरसु का असर कमजोर, दक्षिण भारत के 4 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

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देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। एक तरफ चक्रवात मुरसु से जुड़ा निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की स्थिति में है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव के कारण कुछ तटीय और दक्षिणी इलाकों में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा रखी है। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 373 दर्ज किया गया है, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।

चक्रवात मुरसु का प्रभाव धीरे-धीरे होगा कम

मौसम से जुड़ी जानकारी के अनुसार, चक्रवात मुरसु का निम्न दबाव वाला क्षेत्र इस समय तेलंगाना के पूर्वी हिस्से और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के ऊपर बना हुआ है। हालांकि, इसकी ताकत लगातार कम हो रही है। अनुमान है कि यह सिस्टम अगले दिन तड़के तक और कमजोर पड़ सकता है।

किसी चक्रवाती सिस्टम के कमजोर होने के बाद भी उससे जुड़ी नमी और मौसमी गतिविधियों का असर आसपास के क्षेत्रों में कुछ समय तक बना रह सकता है। इसी वजह से दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। खासकर उन इलाकों में सतर्क रहने की जरूरत है, जहां पहले से बारिश हो रही है या निचले क्षेत्र जलभराव की समस्या से प्रभावित हो सकते हैं।

कर्नाटक और तमिलनाडु में दो दिन भारी बारिश की संभावना

दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले दो दिनों के दौरान मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मूसलाधार बारिश हो सकती है।

इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के बदलते हालात पर नजर रखने की जरूरत है। लगातार तेज बारिश होने पर सड़कों पर पानी भरने, यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और फसलों पर भी बारिश का असर पड़ सकता है।

तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय तथा आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में बाहर निकलने वाले लोगों को स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों का ध्यान रखना चाहिए।

ओडिशा, आंध्र प्रदेश और केरल में तेज हवाओं का अनुमान

बारिश के साथ कुछ राज्यों में आंधी और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, केरल और माहे में अगले दिन मौसम अचानक बदल सकता है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

तेज हवा के दौरान खुले स्थानों पर खड़े रहना, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाना जोखिम भरा हो सकता है। आंधी के समय वाहन चालकों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

मौसम में होने वाला यह बदलाव मछुआरों, किसानों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है। तेज हवाओं और खराब मौसम की स्थिति में समुद्र या खुले इलाकों में गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।

दिल्ली में सुबह हल्की धुंध छाने की संभावना

दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी रहने के बीच दिल्ली में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहने का अनुमान है। राष्ट्रीय राजधानी में अगले दिन सुबह कुछ स्थानों पर हल्की धुंध दिखाई दे सकती है। तापमान में भी अब धीरे-धीरे गिरावट का असर महसूस होने लगा है।

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली का अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है, जबकि दिन में धूप निकलने पर मौसम सामान्य बना रह सकता है। तापमान में बदलाव के बीच लोगों को सुबह जल्दी और देर शाम बाहर निकलते समय मौसम के अनुसार कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है।

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