बारिश में बढ़ा सांप के काटने का खतरा, जहरीले सांप के डसने पर दिखते हैं ये लक्षण; जानें तुरंत क्या करें

मानसून के दौरान बारिश और जलभराव के बीच सांपों के घरों और रिहायशी इलाकों में निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पिछले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से सांप के काटने के मामले सामने आए हैं और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि जहरीले सांप के काटने के बाद शरीर में कौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं और ऐसी स्थिति में बिना समय गंवाए क्या कदम उठाने चाहिए।
भारत में कोबरा और कॉमन करैत जैसे जहरीले सांपों के काटने से गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है। हर सांप का काटना जहरीला नहीं होता, लेकिन केवल देखकर यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि सांप जहरीला था या नहीं। इसलिए किसी भी संदिग्ध सांप के काटने को गंभीरता से लेना और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना जरूरी है।
जहरीले सांप के काटने के बाद काटे गए हिस्से में तेज दर्द, जलन, सूजन और काटने के निशान दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में जहर शरीर के तंत्रिका तंत्र पर असर डाल सकता है, जिससे सांस लेने में परेशानी, सांस फूलना, कमजोरी, उंगलियों में झुनझुनी और आंखों की पलकें झुकने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर का रंग नीला पड़ना और जी मिचलाना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तुरंत चिकित्सकीय सहायता की जरूरत होती है।
सांप काटने की स्थिति में सबसे जरूरी बात घबराने के बजाय मरीज को शांत रखना है। शरीर पर मौजूद अंगूठी, घड़ी, कड़ा या कोई भी तंग सामान तुरंत हटा देना चाहिए, क्योंकि काटे गए हिस्से में सूजन बढ़ सकती है। घाव को साफ पानी और साबुन से साफ किया जा सकता है और उसे साफ, सूखी पट्टी से हल्के तरीके से ढका जा सकता है। प्रभावित हिस्से को ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचना चाहिए।
मरीज को अस्पताल ले जाने में किसी भी तरह की देरी नहीं करनी चाहिए। यदि संभव हो तो सांप को सुरक्षित दूरी से पहचानने या उसकी तस्वीर लेने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन सांप को पकड़ने या उसके करीब जाने का जोखिम नहीं लेना चाहिए। काटने का समय याद रखना भी डॉक्टरों के लिए उपयोगी हो सकता है, क्योंकि इससे स्थिति का आकलन करने में मदद मिल सकती है।
सांप के काटने के बाद कुछ ऐसी गलतियां भी होती हैं जिन्हें बिल्कुल नहीं करना चाहिए। काटे गए स्थान पर बहुत कसकर पट्टी बांधना, घाव को काटना, मुंह से जहर चूसने की कोशिश करना या किसी घरेलू नुस्खे के भरोसे अस्पताल जाने में देरी करना स्थिति को गंभीर बना सकता है। दर्द के लिए कोई भी दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है, क्योंकि कुछ दर्द निवारक दवाएं रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकती हैं।
बारिश के मौसम में सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी है। घर के आसपास जमा पानी, झाड़ियां, लकड़ी के ढेर और अंधेरे स्थानों को साफ रखना चाहिए। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करना और बंद जूते पहनना उपयोगी हो सकता है। खेत, बगीचे या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सांप के काटने को मामूली चोट समझकर नजरअंदाज न करें। जहरीले सांप के जहर का असर तेजी से गंभीर हो सकता है, इसलिए लक्षणों का इंतजार करने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेना ही सबसे सुरक्षित कदम है।
