छत्रपति संभाजीनगर में खौफनाक हादसा, आईफोन की जिद में तबाह हुआ पूरा परिवार

छत्रपति संभाजीनगर के तीसगांव इलाके में स्थित खवड्या पहाड़ी पर एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। महंगे आईफोन मोबाइल फोन को खरीदने की जिद को लेकर शुरू हुआ पारिवारिक विवाद कुछ ही घंटों में एक हंसते-खेलते परिवार की तबाही का कारण बन गया। अठारह वर्षीय कुणाल चांदवडे मोबाइल फोन न मिलने से नाराज होकर सुबह करीब दस बजे खवड्या पहाड़ी पर चढ़ गया और छलांग लगाने की धमकी देने लगा। घटना की सूचना मिलते ही परिजन, स्थानीय नागरिक, पुलिस और अग्निशमन दल के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उसे बचाने की कोशिशों में जुट गए।
लगभग तीन घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के दौरान गांव वालों और अधिकारियों ने कुणाल को समझाने की हर संभव कोशिश की। पुलिस और बचाव दल ने नीचे सुरक्षा जाल भी बिछाया था, लेकिन कुणाल लगातार पहाड़ी के किनारे पर अपनी जगह बदल रहा था जिससे उसे पकड़ पाना बेहद मुश्किल हो रहा था। इस दौरान स्थानीय सरपंच ने उसे शांत करने के लिए खुद नया फोन खरीदकर देने तक का प्रस्ताव रखा, लेकिन कुणाल किसी भी बात को सुनने या मानने के लिए तैयार नहीं था। उसकी मां और गांव के लोग लगातार उससे नीचे उतरने की गुहार लगाते रहे।
दोपहर करीब एक बजे स्थिति बेहद नाजुक हो गई, जब बेटे को सुरक्षित वापस लाने की अंतिम उम्मीद के साथ उसके पिता मुरलीधर पहाड़ी के किनारे पर पहुंचे। पिता ने बेहद सावधानी से करीब जाकर अपने बेटे को पकड़ने और पीछे खींचने का प्रयास किया। इसी दौरान कुणाल ने पहाड़ी से नीचे छलांग लगा दी। बेटे को बचाने की बदहवास कोशिश में पिता मुरलीधर का संतुलन भी बिगड़ गया और वे भी अपने बेटे के साथ सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरे। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
पति और बेटे को आंखों के सामने काल के गाल में समाते देख कुणाल की मां संगीता गहरे सदमे में आ गईं। पल भर में अपना सबकुछ खो देने के गम में बदहवास होकर उन्होंने भी कुछ ही क्षणों में पहाड़ी से नीचे छलांग लगा दी। कुछ ही मिनटों के भीतर पूरा परिवार खत्म हो गया। इस दिल दहला देने वाले मंजर को देखकर वहां मौजूद ग्रामीण, पुलिस अधिकारी और बचावकर्मी भी गहरे सदमे में आ गए। पुलिस ने तीनों शवों को खाई से बाहर निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
