देश के कई राज्यों में बारिश का बड़ा अलर्ट, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी

देश भर में मानसून की चाल एक बार फिर तेज हो गई है, जिसके चलते कई राज्यों में मुसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है। मौसम विज्ञान विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों के निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के कई हिस्सों में पूरे दिन तेज बारिश होने का अनुमान जताया गया है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, माहे और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले दो से तीन दिनों तक लगातार मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़कों पर पानी भरने की चेतावनी भी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और तटीय व पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम और भी अधिक चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मंगलवार तक तेज गरज-चमक और तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इन इलाकों में पचास किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे बिजली के पोल और पेड़ उखड़ने का जोखिम बना हुआ है।
विशेष रूप से बंगाल की खाड़ी से सटे इलाकों में स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के साथ-साथ पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं और उथल-पुथल भरे तूफानी मौसम के आसार हैं। इस स्थिति को देखते हुए समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिसके कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है और तटीय सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।
