हंगरी में भारतीय शतरंज का जलवा, ग्रैंडमास्टर प्रणेश एम. ने जीता Kanizsa Open 2026 का खिताब

भारतीय शतरंज के लिए एक और गर्व का पल सामने आया है। भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रणेश एम. ने हंगरी में आयोजित प्रतिष्ठित Kanizsa Open 2026 के ग्रुप-ए का खिताब अपने नाम कर लिया है। शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने नौ राउंड के इस मुकाबले में कुल 7 अंक हासिल किए और बेहतर टाई-ब्रेक स्कोर के आधार पर चैंपियन बनने में सफलता पाई। इस जीत के साथ प्रणेश ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज जगत में भारत की मजबूत मौजूदगी को एक बार फिर साबित कर दिया।
रोमांचक मुकाबले के बाद बने चैंपियन
Kanizsa Open 2026 का अंतिम राउंड बेहद रोमांचक रहा। टूर्नामेंट के अंत में चार खिलाड़ी समान 7 अंकों पर पहुंच गए थे। इनमें भारत के प्रणेश एम., इजरायल के ओर ब्रोनस्टीन, यूक्रेन के आंद्रे वोलोकिटिन और भारत के कार्तिक वेंकटरमन शामिल थे।
चारों खिलाड़ियों के अंक बराबर होने के बाद विजेता का फैसला टाई-ब्रेक नियमों से हुआ। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर प्रणेश एम. पहले स्थान पर रहे, जबकि ब्रोनस्टीन दूसरे, वोलोकिटिन तीसरे और कार्तिक वेंकटरमन चौथे स्थान पर रहे।
आखिरी राउंड ने बदल दी तस्वीर
भारतीय खिलाड़ी कार्तिक वेंकटरमन के पास भी खिताब जीतने का सुनहरा मौका था। यदि वह अंतिम मुकाबला जीत जाते तो सीधे चैंपियन बन सकते थे। लेकिन उनका मुकाबला यूक्रेन के आंद्रे वोलोकिटिन के साथ ड्रॉ रहा। दूसरी ओर, ओर ब्रोनस्टीन ने अंतिम राउंड में जीत दर्ज कर शीर्ष स्थान की दौड़ को और रोमांचक बना दिया। आखिरकार टाई-ब्रेक ने प्रणेश को विजेता बना दिया।
भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
इस टूर्नामेंट में भारत के कई खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 226 खिलाड़ियों वाले ग्रुप-ए में भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी देखने को मिली।
- नीलाष साहा ने 6.5 अंक हासिल कर शीर्ष खिलाड़ियों के समूह में जगह बनाई और 10वें स्थान पर रहे।
- नीतीश बेलुरकर ने 6 अंक लेकर 20वां स्थान हासिल किया।
- अजय संतोष पर्वथारेड्डी भी 6 अंकों के साथ 21वें स्थान पर रहे।
- भट्टाचार्य सोहम ने भी 6 अंक जुटाकर 23वां स्थान प्राप्त किया।
इस प्रदर्शन ने दिखाया कि भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
दुनिया के टॉप खिलाड़ियों में शामिल हैं प्रणेश
2673 फिडे रेटिंग वाले प्रणेश एम. अगस्त 2026 की नवीनतम FIDE विश्व रैंकिंग में 44वें स्थान पर हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन कर अपनी रेटिंग और प्रतिष्ठा दोनों को मजबूत किया है।
उनकी यह जीत उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है और इससे विश्व शतरंज में उनकी स्थिति और मजबूत हुई है।
साधारण परिवार से विश्व मंच तक का सफर
तमिलनाडु के कराईकुडी में जन्मे प्रणेश एम. का सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच शतरंज की शुरुआत की। उनके पिता कपड़ों की दुकान में काम करते हैं, जबकि उनकी मां आंगनबाड़ी में कार्यरत हैं।
सबसे खास बात यह है कि प्रणेश की मां ही उनकी पहली शतरंज कोच थीं। उन्होंने बचपन में ही उन्हें शतरंज के नियम और शुरुआती रणनीतियां सिखाईं। बाद में उनकी प्रतिभा को पहचानकर परिवार ने उन्हें चेस अकादमी में प्रशिक्षण दिलाया। उनके बड़े भाई दिनेशराजन ने भी उनकी तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लगातार सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं प्रणेश
प्रणेश ने साल 2020 में इंटरनेशनल मास्टर का खिताब हासिल किया और पहला जीएम नॉर्म पूरा किया। इसके बाद 2023 में रिल्टन कप जीतकर वह भारत के 79वें ग्रैंडमास्टर बने। वहीं 2025 में उन्होंने चेन्नई ग्रैंड मास्टर्स के चैलेंजर्स सेक्शन का खिताब भी अपने नाम किया।
अब Kanizsa Open 2026 की जीत ने उनके करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। भारतीय शतरंज की नई पीढ़ी के सितारे के रूप में प्रणेश एम. लगातार विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं और उनकी यह उपलब्धि युवा खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है।
