अप्रैल-मई तक 52 लाख आंगनबाड़ी बच्चों को मिलेंगे दो सेट पोशाक, 2500 नए केंद्रों के निर्माण की तैयारी
बिहार में आंगनबाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने और बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में राज्य सरकार ने कई अहम घोषणाएं की हैं। समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने विधानपरिषद में जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष अप्रैल और मई तक राज्य के 52 लाख आंगनबाड़ी बच्चों को दो-दो सेट पोशाक उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इस योजना के लिए सरकार ने 213 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। मंत्री ने कहा कि बच्चों को समय पर पोशाक उपलब्ध हो सके इसके लिए एक लाख मीटर से अधिक कपड़े की खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को समान और गरिमामय वातावरण प्रदान करना है ताकि वे आत्मविश्वास के साथ शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ ले सकें। यह जानकारी उन्होंने सदन में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में दी।
मंत्री ने यह भी बताया कि कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 490 आंगनबाड़ी केंद्रों में पालना घर की व्यवस्था की गई है। इन पालना घरों का उद्देश्य उन महिलाओं को राहत देना है जो काम पर जाने के दौरान अपने छोटे बच्चों की देखभाल को लेकर चिंतित रहती हैं। अब वे निश्चिंत होकर अपने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में छोड़ सकेंगी।
आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों को लेकर भी सरकार ने बड़ी पहल की है। सदन में यह सवाल उठाया गया कि कई केंद्र अब भी किराये के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इस पर मंत्री ने बताया कि नाबार्ड से 300 करोड़ रुपये का ऋण लेने की स्वीकृति मिल चुकी है। इस राशि से चरणबद्ध तरीके से 2500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। इससे न सिर्फ बच्चों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी बल्कि कार्यकर्ताओं को भी बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध होगा। नवादा जिले में भी 60 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की योजना शामिल है।
इसी दिन विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने अपने कार्यालय में समीक्षा बैठक कर विधायकों के लिए नवनिर्मित आवासीय परिसर की स्थिति का जायजा लिया। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 116 विधायक नए आवास में प्रवेश कर चुके हैं। अध्यक्ष ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर परिसर में हरियाली बढ़ाने, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट लगाने और वर्षा जल संचयन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने परिसर में स्पोर्ट्स क्लब की स्थापना, मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर भी जोर दिया। सरकार का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य न सिर्फ जनप्रतिनिधियों को बेहतर सुविधाएं देना है बल्कि राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को नई दिशा देना भी है। इन घोषणाओं से स्पष्ट है कि राज्य सरकार आंगनबाड़ी व्यवस्था और सार्वजनिक ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है।
