बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल खत्म, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा से बातचीत के बाद बनी सहमति
बिहार में राजस्व सेवा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल सोमवार 02 फरवरी 2026 को शाम होते-होते समाप्त हो गई। यह हड़ताल बिहार राजस्व सेवा संघ द्वारा घोषित की गई थी, लेकिन उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा से हुई देर शाम की बातचीत के बाद इसे वापस ले लिया गया। इस अहम बैठक में विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल और सचिव जय सिंह भी मौजूद रहे।
राजस्व कर्मचारियों और अंचलाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा से मुलाकात कर अपनी मांगों और आशंकाओं को विस्तार से रखा। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया। इस बातचीत के बाद विजय सिन्हा ने मीडिया से कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से सुन रही है और उन पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी ईमानदारी से काम करते हैं और मेहनत करते हैं, उनका सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अच्छे और ईमानदार लोगों का मनोबल बना रहे, यह भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। विजय सिन्हा ने यह भी कहा कि समाज में अच्छे और गलत दोनों तरह के लोग होते हैं, लेकिन गलत लोगों की संख्या कम है और उन पर कार्रवाई भी की जाएगी।
बैठक के बाद विजय सिन्हा ने जानकारी दी कि कर्मचारियों की मांगों, प्रमोशन एवेन्यू और अन्य विवादित विषयों को सुलझाने के लिए एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी नियमानुकूल सभी बिंदुओं की जांच करेगी और समाधान का रास्ता निकालेगी। उन्होंने बताया कि इस कमेटी में एक सचिव, एक अपर सचिव और बिहार राजस्व सेवा का एक वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
संघ के प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी पद के गठन से उत्पन्न संवर्गीय आशंकाओं, पदोन्नति से जुड़े मुद्दों और न्यायालय के आदेशों के प्रभाव को बैठक में उठाया। इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए उपमुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से जांच कमेटी के गठन का निर्देश दिया।
गौरतलब है कि हड़ताल के ऐलान के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी सख्त रुख अपनाया था। विभाग के प्रधान सचिव की ओर से नोटिस जारी कर सभी अधिकारियों को सरकारी गाड़ी, डोंगल और अभिलेख कक्ष की चाबियां वापस करने का आदेश दिया गया था। इसके साथ ही हड़ताल की अवधि में काम नहीं तो वेतन नहीं का नियम भी लागू कर दिया गया था।
हड़ताल के सवाल पर सोमवार सुबह पत्रकारों से बातचीत में विजय कुमार सिन्हा ने कहा था कि जब इलाज होता है तो दवा कड़वी लगती है। उनके इस बयान ने भी काफी चर्चा बटोरी थी। हालांकि शाम को हुई बातचीत के बाद मामला शांत हो गया और हड़ताल समाप्त कर दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सरकार और राजस्व कर्मचारियों के बीच संवाद के जरिए समाधान का रास्ता निकलता दिख रहा है। सरकार ने एक ओर जहां ईमानदार कर्मियों को सम्मान देने की बात कही है, वहीं दूसरी ओर यह भी साफ कर दिया है कि गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
