चारधाम यात्रा की तैयारियों पर सख्ती, धामी सरकार के बड़े निर्देश, सड़क से लेकर रेट लिस्ट तक कड़ी निगरानी

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उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर सरकार ने तैयारियों को तेज कर दिया है और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए साफ कहा कि यात्रा अवधि के दौरान व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से हर स्तर पर प्रगति की निगरानी की जाए और पिछले वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए जो भी कमियां सामने आई थीं, उन्हें तुरंत दूर किया जाए।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यात्रा मार्गों की स्थिति पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी सड़कों पर गड्ढे हैं, उन्हें तुरंत भरा जाए और मार्गों को पूरी तरह सुचारू रखा जाए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उनका कहना था कि सुरक्षित और सहज यात्रा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।

पिछले वर्ष भंडारों को लेकर जो विवाद सामने आए थे, उन्हें ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देशित किया कि इस बार ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि किसी भी तरह के विवाद से बचा जा सके और सभी को सहयोगात्मक माहौल मिल सके। इसके साथ ही ओवररेटिंग की समस्या पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी दुकानों पर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए और अगर कोई दुकानदार निर्धारित कीमत से अधिक वसूली करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

परिवहन व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री ने विस्तार से निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा में शामिल सभी वाहनों के पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र होना चाहिए और ग्रीन कार्ड तथा ट्रिप कार्ड समय पर जारी किए जाएं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुचारू रहेगी बल्कि सुरक्षा के मानकों का भी पालन सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया कि वाहनों की नियमित जांच की जाए ताकि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के कारण यात्रा प्रभावित न हो।

इसके अलावा आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्गों पर रसोई गैस, केरोसीन, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इन आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही पर्याप्त तैयारी कर ली जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की कमी न हो।

बैठक में कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी शामिल रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी। इस दौरान प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बढ़ाने और समयबद्ध तरीके से सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया। सरकार का लक्ष्य है कि इस बार चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

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