कैलाशनाथ काटजू की जयंती पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का नमन, नीट परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर दिए बड़े निर्देश

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कैलाशनाथ काटजू की 139वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनके योगदान को देश और प्रदेश के विकास के लिए प्रेरणादायक बताया। विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुष्पांजलि अर्पित कर स्व. काटजू के सार्वजनिक जीवन, प्रशासनिक क्षमता और राष्ट्र निर्माण में निभाई गई उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाशनाथ काटजू का जीवन संघर्ष, सेवा और नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण रहा है। रतलाम जिले की जावरा तहसील में जन्मे स्व. काटजू ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश का नेतृत्व किया और अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक सुधारों तथा विकासोन्मुखी नीतियों के माध्यम से प्रदेश को नई दिशा देने का प्रयास किया। उनके नेतृत्व की विशेषता दूरदर्शिता, निर्णय क्षमता और जनहित के प्रति समर्पण थी।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री पद के अलावा स्व. काटजू ने राष्ट्रीय स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। रक्षा और कानून जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दिया। विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने अपनी कार्यकुशलता और अनुभव का परिचय दिया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी उनकी सक्रिय भूमिका रही और उन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अनेक संघर्षों में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. काटजू केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने सार्वजनिक संस्थाओं को मजबूत बनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य किया। उनका जीवन आज भी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने प्रदेश और देश के विकास के लिए जो योगदान दिया, उसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और सुचारू व्यवस्था के साथ सुनिश्चित किया जा रहा है। राज्य सरकार परीक्षा संचालन से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था पर विशेष रूप से नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और रोल नंबर सत्यापन की प्रक्रिया को भी प्रभावी बनाया जाएगा ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे। परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। साथ ही परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन शहरों में परीक्षा केंद्रों की संख्या अधिक है, वहां अतिरिक्त परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास पेयजल, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन विद्यार्थियों और उनके परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बेहतर प्रबंधन, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से परीक्षा का सफल संचालन सुनिश्चित होगा। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने और अपने भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पूरी एकाग्रता से प्रयास करने का आह्वान किया।
