चित्रकूट धाम से सिंहस्थ 2028 तक: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताई मध्यप्रदेश की धार्मिक और विकास की नई दिशा

Untitled-8

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन जिले के नागदा स्थित बालाजी धाम में आयोजित श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा एवं ध्वज पूजा कार्यक्रम में प्रदेश के धार्मिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक विजन को विस्तार से सामने रखा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था और श्रद्धा का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के साथ सदियों से जुड़ा एक लंबा संघर्ष पूर्ण हुआ है, जिसने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को नई ऊर्जा प्रदान की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों और आदर्शों की दृष्टि से भी प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने जीवन में त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और समर्पण का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह आज भी समाज को दिशा देता है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष चित्रकूट में बिताए थे, इसलिए राज्य सरकार चित्रकूट धाम को एक भव्य धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपये की लागत से व्यापक कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन स्थानों पर भगवान श्रीराम के चरण पड़े थे, उन्हें श्रीराम वन गमन पथ परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों को भी विशेष रूप से विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी आयोजन को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उज्जैन, इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के विस्तार में धार, नागदा और रतलाम को भी शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बालाजी धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए फर्श निर्माण, बाउंड्री वॉल और पेयजल जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं के विकास की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

डॉ. यादव ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालन को प्रोत्साहित करने की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की है, जिसके अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में दूध उत्पादन को वर्तमान स्तर से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है। साथ ही प्राकृतिक खेती और गौपालन को बढ़ावा देने के लिए प्रति गाय प्रतिमाह 1100 रुपये की सहायता देने की योजना भी लागू की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अंत्योदय की भावना के साथ गरीबों, किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनका मानना है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने भी धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व शांति, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की स्थापना के लिए भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। बालाजी धाम में आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और विकास की योजनाओं का संगम बनकर सामने आया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed