डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप से बदल रहा भारत का भविष्य, युवा बना रहे नई पहचान: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप संस्कृति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी का मेल देश के भविष्य को नए सिरे से गढ़ रहा है। नई दिल्ली में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 के समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत रचनात्मक और तकनीक आधारित क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, जिसका नेतृत्व युवा इनोवेटर्स और उद्यमी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया ने क्रिएटर्स का एक नया समुदाय खड़ा किया है और इससे ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है, जिसमें संस्कृति, कंटेंट और क्रिएटिविटी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश 2047 में आज़ादी के 100 साल पूरे करेगा, वह समय आज के युवाओं के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर होगा, क्योंकि उनकी क्षमता ही भारत की क्षमता बनेगी और उनकी सफलता देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग को एक ऐतिहासिक और अनोखी पहल बताते हुए कहा कि यह बहुत कम समय में एक बड़े मंच के रूप में उभरा है और यह साबित करता है कि भारत की जेन ज़ेड रचनात्मकता से भरपूर है।
पीएम मोदी ने स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और कर व अनुपालन के सरलीकरण जैसे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कदमों ने भारत की स्टार्टअप क्रांति को तेज़ किया और पहले सरकार के अधीन रहे कई क्षेत्रों को उद्यमिता के लिए खोल दिया। उन्होंने बताया कि देश में इस समय एक हजार से अधिक डिफेंस स्टार्टअप सक्रिय हैं, जहां युवा उद्यमी ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, एआई आधारित कैमरे और रोबोटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जो भारत के बढ़ते इनोवेशन इकोसिस्टम को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में आए बदलावों का भी जिक्र किया और कहा कि कुछ साल पहले तक यह जिम्मेदारी केवल इसरो पर थी, लेकिन सरकार ने स्पेस सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोलकर नीतियों का विस्तार किया और सहयोगी संस्थान बनाए, जिससे इस क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन को युवाओं के लिए एक महान प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनके विचार आज भी मार्गदर्शक हैं।
9 से 12 जनवरी तक आयोजित विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 में देशभर से विभिन्न स्तरों पर 50 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जिससे इस पहल की व्यापकता और प्रभाव साफ झलकता है।
