पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चुनाव आयोग सख्त, सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करने के निर्देश

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों को लागू करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में पाई गई विसंगतियों और गैर-मान्यता प्राप्त श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले नामों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। साथ ही प्रभावित मतदाताओं को तय समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करने और सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एसआईआर 2026 से संबंधित इस महीने दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। आयोग ने राज्य प्रशासन और पुलिस को पर्याप्त जनशक्ति की तैनाती, सुनवाई प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने और पूरी अवधि के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्देशों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके तहत पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक, कोलकाता के पुलिस आयुक्त, सभी जिलाधिकारियों, अन्य सभी पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को एसआईआर के दौरान कानून व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने साफ किया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में पूरी होनी चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने राज्य की जनता को भरोसा दिलाया है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की किसी भी घटना पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता और विश्वास बना रहे।
