हरियाणा विधानसभा बजट सत्र 2026 का शुभारंभ, मुख्यमंत्री नायब सैनी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को नमन किया
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र 2026 का शुभारंभ पहले ही दिन एक विशेष और गरिमामय माहौल में हुआ। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सत्र की कार्यवाही में भाग लेते हुए विधानसभा में प्रवेश से पहले भारत रत्न और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा भारत के गौरवशाली संविधान को नमन किया। यह क्षण न केवल औपचारिक था, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक भी माना गया।
बजट सत्र किसी भी राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान सरकार आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों का खाका प्रस्तुत करती है। ऐसे में पहले दिन की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में विशेष उत्सुकता देखी गई। मुख्यमंत्री नायब सैनी की मौजूदगी और उनका संबोधन इस सत्र की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
विधानसभा परिसर में पहले दिन का वातावरण उत्साह और गंभीरता से भरा रहा। जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभिन्न दलों के विधायक समय से पहले ही पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री ने सत्र के आरंभ से पहले डॉ. भीमराव आंबेडकर को नमन कर यह संदेश दिया कि राज्य सरकार संविधान के सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है। डॉ. आंबेडकर को याद करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा के संकल्प को दोहराने जैसा माना गया।
हरियाणा विधानसभा का यह बजट सत्र कई मायनों में अहम है। प्रदेश की आर्थिक स्थिति, विकास परियोजनाएं, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़ी योजनाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताएं इस सत्र में स्पष्ट होंगी। माना जा रहा है कि सरकार विकास, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे सकती है। विपक्ष भी विभिन्न जनहित मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में नजर आ रहा है, जिससे सत्र के दौरान सार्थक और तीखी बहस की संभावना है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा में प्रवेश से पहले जिस तरह संविधान को नमन किया, वह राज्य की राजनीतिक संस्कृति में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। लोकतंत्र में विधानसभा सर्वोच्च मंच होता है, जहां जनता के प्रतिनिधि राज्य के भविष्य को दिशा देते हैं। ऐसे में संविधान निर्माता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करना लोकतांत्रिक परंपराओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगामी दिनों में बजट पेश होने के साथ ही प्रदेश की वित्तीय प्राथमिकताओं की तस्वीर साफ होगी। आम जनता की नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देती है और किस तरह से प्रदेश के सर्वांगीण विकास का रोडमैप तैयार करती है। फिलहाल बजट सत्र के पहले दिन का शुभारंभ गरिमा और संवैधानिक मूल्यों के सम्मान के साथ हुआ, जिसने पूरे सत्र के लिए एक सकारात्मक और गंभीर वातावरण स्थापित कर दिया है।
