लवे ने यात्री किराया ढांचा युक्तिसंगत किया, नए किराए आज से लागू

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों के परिचालन की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए यात्री किराया ढांचे को युक्तिसंगत कर दिया है, जो आज से प्रभावी हो गया है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार नए किराए केवल आज या इसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होंगे, जबकि पहले से बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा, चाहे यात्रा की तारीख इसके बाद की ही क्यों न हो।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे रोज़ाना सफर करने वाले यात्रियों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। गैर-उपनगरीय साधारण गैर वातानुकूलित सेवाओं में सामान्य द्वितीय श्रेणी, सामान्य शयनयान और सामान्य प्रथम श्रेणी के किराए को दूरी के आधार पर युक्तिसंगत बनाया गया है। सामान्य द्वितीय श्रेणी में 215 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि 216 से 750 किलोमीटर तक की दूरी पर पांच रुपये, 751 से 1250 किलोमीटर पर दस रुपये, 1251 से 1750 किलोमीटर पर पंद्रह रुपये और 1751 से 2250 किलोमीटर तक की यात्रा पर बीस रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
सामान्य शयनयान और सामान्य प्रथम श्रेणी में गैर-उपनगरीय यात्राओं के लिए प्रति किलोमीटर एक पैसे की समान वृद्धि लागू की गई है। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की गैर वातानुकूलित और वातानुकूलित श्रेणियों में भी किराया बढ़ाया गया है, जहां शयनयान, प्रथम श्रेणी, एसी चेयर कार, एसी थ्री टियर, एसी टू टियर और एसी फर्स्ट क्लास में प्रति किलोमीटर दो पैसे की दर से बढ़ोतरी की गई है।
तेजस राजधानी, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, हमसफर, अमृत भारत और तेजस जैसी प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों के मूल किरायों को भी स्वीकृत श्रेणीवार वृद्धि के अनुसार संशोधित किया गया है। हालांकि रेलवे मंत्रालय ने यह साफ किया है कि आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट सरचार्ज और अन्य किसी भी प्रकार के अतिरिक्त शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे पहले की तरह ही लागू रहेंगे। रेलवे का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना और परिचालन लागत के संतुलन को बनाए रखना है।
