अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर पीएम मोदी बोले, बिना भेदभाव सभी को योजनाओं का लाभ देना ही सच्ची धर्मनिरपेक्षता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पिछले 11 वर्षों से उनकी सरकार देश के हर नागरिक के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है और बिना किसी भेदभाव के सभी सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यही सुशासन और सच्ची धर्मनिरपेक्षता की पहचान है। प्रधानमंत्री यह बात पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ में आयोजित एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने लखनऊ में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन भी किया, जिसे स्वतंत्र भारत की महान विभूतियों की विरासत को सम्मान देने के लिए विकसित किया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना है और आज करोड़ों गरीब परिवार इसका लाभ पा रहे हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि अटल जी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई दिशा पकड़ी थी। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2000 के बाद इस योजना के तहत देश में आठ लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ है, जिनमें से करीब चार लाख किलोमीटर सड़कें केवल पिछले 11 वर्षों में बनी हैं।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने राष्ट्रीय नायकों के साथ न्याय नहीं किया और अधिकतर योजनाओं व संस्थानों का नाम अपनी पार्टी के नेताओं के नाम पर रखने की परंपरा को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल चुकी है और अब यह राज्य विकास का प्रतीक बन गया है।
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने संस्कृति, समाज और राजनीति के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया और उनका जीवन राष्ट्रसेवा का आदर्श है।
हमारे लखनऊ संवाददाता के अनुसार राष्ट्र प्रेरणा स्थल को एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा। इस परिसर में कमल के आकार में बना एक अत्याधुनिक संग्रहालय है, जो लगभग 98 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां उन्नत डिजिटल और इमर्सिव तकनीक के जरिए भारत की राष्ट्रीय यात्रा और महान नेताओं के योगदान को प्रदर्शित किया गया है। लगभग 230 करोड़ रुपये की लागत से और 65 एकड़ क्षेत्र में बना यह परिसर नेतृत्व मूल्यों, राष्ट्रीय सेवा, सांस्कृतिक चेतना और सुशासन के आदर्शों को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है
