भारतीय रेल का बड़ा आधुनिकीकरण अभियान, दो साल में 7900 किलोमीटर से अधिक पटरियों के नवीनीकरण की

भारतीय रेल ने अपने बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए अगले दो वर्षों में 7 हजार 900 किलोमीटर से अधिक रेल पटरियों के नवीनीकरण की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। रेल मंत्रालय के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 में ही साढ़े सात हजार किलोमीटर से अधिक पटरियों के नवीनीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में छह हजार 800 किलोमीटर से अधिक पटरियों का नवीनीकरण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
रेल मंत्रालय ने बताया कि लगातार हो रहे इन कार्यों का सीधा असर ट्रेनों की गति, सुरक्षा और समयबद्धता पर पड़ रहा है। पटरियों के नवीनीकरण के साथ-साथ तेज गति के लिए उपयुक्त ट्रैक नेटवर्क में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 में जहां हाई-स्पीड पटरियों की कुल लंबाई करीब 31 हजार किलोमीटर थी, वहीं अब यह बढ़कर 84 हजार किलोमीटर से अधिक हो चुकी है।
मंत्रालय के अनुसार इस विस्तार के बाद देश के रेल नेटवर्क के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से पर 110 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है। इससे न केवल यात्रियों के सफर का समय कम हो रहा है, बल्कि माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ी है। भारतीय रेल का यह आधुनिकीकरण अभियान आने वाले वर्षों में रेल सेवाओं को और सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
