आईएनएसवी कौंडिन्य की पहली समुद्री यात्रा पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईएनएसवी कौंडिन्य के निर्माण से लेकर उसे समुद्र में उतारने तक जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की है। यह ऐतिहासिक जहाज गुजरात के पोरबंदर से ओमान के मस्कट के लिए अपनी पहली समुद्री यात्रा पर रवाना हो रहा है जिसे भारत की प्राचीन समुद्री परंपराओं से जोड़ा जा रहा है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर डिजाइनरों कारीगरों जहाज निर्माताओं और भारतीय नौसेना को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने एक अद्वितीय विरासत को आधुनिक समय में जीवंत कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आईएनएसवी कौंडिन्य का निर्माण प्राचीन भारतीय सिलाई जहाज तकनीक से किया गया है जो यह दिखाता है कि भारत का समुद्री इतिहास कितना समृद्ध और उन्नत रहा है। यह जहाज न सिर्फ तकनीकी कौशल का उदाहरण है बल्कि उन ऐतिहासिक समुद्री मार्गों की याद भी दिलाता है जिनके जरिए भारत का खाड़ी क्षेत्र और अन्य देशों से व्यापार और सांस्कृतिक संबंध बना था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि यह देखकर बेहद खुशी होती है कि यह खास जहाज अपनी पहली यात्रा पर निकल रहा है। उन्होंने चालक दल को सुरक्षित और यादगार सफर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह अभियान भारत और खाड़ी देशों के बीच पुराने रिश्तों को फिर से जीवंत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आईएनएसवी कौंडिन्य की यह यात्रा केवल एक समुद्री अभियान नहीं बल्कि भारत की ऐतिहासिक समुद्री पहचान को दुनिया के सामने रखने का प्रयास भी है। यह जहाज आने वाले समय में भारत की समुद्री विरासत और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक मजबूत प्रतीक बनकर उभरेगा।
