पिनाका एलआरजीआर 120 की सफल उड़ान से भारत की तोपखाना ताकत को नई धार

भारत की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है जब सोमवार को पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट यानी एलआरजीआर 120 का पहला उड़ान परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। यह अहम परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में किया गया जहां रॉकेट ने अपनी सटीकता और तकनीकी क्षमताओं का बेहतरीन प्रदर्शन किया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ द्वारा विकसित यह उन्नत रॉकेट प्रणाली भारतीय सेना की आर्टिलरी ताकत को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार परीक्षण के दौरान रॉकेट ने सभी निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरा किया और तय किए गए लक्ष्य क्षेत्रों तक बेहद सटीक तरीके से पहुंचा। पिनाका एलआरजीआर 120 पारंपरिक पिनाका मल्टी बैरेल रॉकेट सिस्टम का आधुनिक और ज्यादा ताकतवर संस्करण है जिसमें उन्नत गाइडेंस सिस्टम बेहतर नेविगेशन और लंबी रेंज की क्षमता शामिल है। यही वजह है कि यह रॉकेट कठिन से कठिन युद्ध परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रहार करने में सक्षम माना जा रहा है।
इस सफलता पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और इससे जुड़े सभी संगठनों को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक को नई पहचान देती है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम बताया और कहा कि इससे सशस्त्र बलों की मारक क्षमता और भरोसेमंद बनेगी। रक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस रॉकेट के शामिल होने से भारतीय सेना को लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की नई ताकत मिलेगी जो सीमा सुरक्षा और आधुनिक युद्ध की जरूरतों के लिहाज से बेहद अहम है।
परीक्षण के दौरान रेंज पर मौजूद सभी उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम ने रॉकेट की पूरी उड़ान पर नजर रखी और इसकी ट्रैजेक्टरी को सफलतापूर्वक रिकॉर्ड किया। इस परियोजना को आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट ने विकसित किया है जिसमें हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी और रिसर्च सेंटर इमारत का सहयोग रहा।
खास बात यह रही कि एलआरजीआर 120 को सेना में पहले से मौजूद मानक पिनाका लॉन्चर से दागा गया जिससे यह साबित हुआ कि एक ही लॉन्चर से अलग अलग रेंज के पिनाका रॉकेटों को आसानी से लॉन्च किया जा सकता है। डीआरडीओ प्रमुख डॉ समीर वी कामत ने भी इस मिशन की सफलता पर वैज्ञानिकों और तकनीकी टीमों की सराहना करते हुए इसे भारतीय स्वदेशी रक्षा तकनीक की बड़ी उपलब्धि बताया। पिनाका एलआरजीआर 120 का सफल परीक्षण आने वाले समय में भारतीय थलसेना की तोपखाना क्षमता को और मजबूत करेगा और देश को सामरिक बढ़त दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
