थलपति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायगन’ रिलीज से पहले सेंसर विवाद में फंसी

थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित और आखिरी फिल्म ‘जन नायगन’ जिसे हिंदी में ‘जन नेता’ नाम से रिलीज किया जाना है, रिलीज से ठीक पहले विवादों में घिर गई है। यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है, लेकिन अब तक इसे सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला है, जिससे फिल्म की रिलीज और एडवांस बुकिंग पर संकट खड़ा हो गया है।
मेकर्स ने फिल्म को समय पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी सीबीएफसी को सौंप दिया था और बोर्ड की तरफ से सुझाए गए बदलाव भी कर दिए गए थे, इसके बावजूद अंतिम मंजूरी अब तक नहीं दी गई है। इस देरी से परेशान होकर फिल्म की टीम को मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जहां उन्होंने जल्द से जल्द सेंसर सर्टिफिकेट जारी करने की मांग की है।
सेंसर की मंजूरी न मिलने की वजह से कई बड़े सिनेमाघरों ने अभी तक फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू नहीं की है, खासकर तमिलनाडु में। हालांकि कुछ जगहों पर टिकट बिक रहे हैं, लेकिन उनकी कीमतें सामान्य से कई गुना ज्यादा पहुंच चुकी हैं, जिससे फैंस में नाराजगी भी देखी जा रही है।
दिलचस्प बात यह है कि भारत में सेंसर सर्टिफिकेट अटका हुआ है, जबकि फिल्म को विदेशों में रिलीज के लिए मंजूरी मिल चुकी है। इससे साफ है कि विवाद केवल भारतीय सेंसर प्रक्रिया को लेकर है।
‘जन नायगन’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि थलपति विजय के फिल्मी करियर का आखिरी अध्याय मानी जा रही है क्योंकि इसके बाद वे पूरी तरह राजनीति में उतरने वाले हैं। यही वजह है कि इस फिल्म को लेकर फैंस का उत्साह चरम पर है और अब सभी की नजरें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या विजय की यह आखिरी फिल्म तय समय पर सिनेमाघरों तक पहुंच पाएगी या नहीं।
