टेलवा ब्रिज हादसे के बाद जसीडीह–झाझा रेलखंड की डाउन लाइन बहाल, मौर्य एक्सप्रेस सुरक्षित रवाना
जसीडीह–झाझा रेलखंड पर टेलवा ब्रिज के पास हुए मालगाड़ी हादसे के करीब उनहत्तर घंटे बाद आखिरकार डाउन लाइन में रेल परिचालन आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। मंगलवार देर रात ट्रायल के तौर पर एक मालगाड़ी को धनबाद के लिए रवाना किया गया और इसके तुरंत बाद जमुई स्टेशन से मौर्य एक्सप्रेस इस रूट पर पहली यात्री ट्रेन के रूप में सुरक्षित गुजरी। जैसे ही ट्रेनें फिर से चलनी शुरू हुईं, यात्रियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
दरअसल टेलवा बाजार हॉल्ट के पास स्थित टेलवा ब्रिज पर मालगाड़ी के डिरेल होने से कई वैगन पटरी से उतर गए थे जिससे ट्रैक और पुल की संरचना को भारी नुकसान पहुंचा था। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने मौके पर युद्ध स्तर पर बहाली का काम शुरू किया। बड़ी संख्या में इंजीनियर, तकनीकी स्टाफ और रेलवे कर्मी दिन रात जुटे रहे ताकि ट्रैक को जल्द से जल्द चालू किया जा सके। कोलकाता से महाप्रबंधक और आसनसोल रेल मंडल के डीआरएम भी घटनास्थल पर पहुंचे और मरम्मत कार्य की निगरानी करते हुए सुरक्षा के साथ तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसी समन्वित प्रयास का नतीजा रहा कि देर रात डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो पाई।
हादसे के कारण पूर्व रेलवे को कई ट्रेनों को रद्द और कई को वैकल्पिक मार्गों से चलाना पड़ा था। तीस दिसंबर को चलने वाली जसीडीह–झाझा मेमू और जसीडीह–किउल मेमू को रद्द कर दिया गया था जबकि संबलपुर–गोरखपुर एक्सप्रेस, हावड़ा–राजेंद्रनगर एक्सप्रेस, दुर्ग–आरा एक्सप्रेस, शालीमार–पटना दुरंतो, हावड़ा–काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस, टाटानगर–थावे एक्सप्रेस, पुरी–पटना एक्सप्रेस, हटिया–पटना एक्सप्रेस और धनबाद–पटना एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को धनबाद गया पटना या किउल रूट से डायवर्ट कर चलाया गया।
डाउन लाइन के बहाल होने से जहां यात्रियों को बड़ी राहत मिली है वहीं अब सभी की निगाहें अप लाइन के पूरी तरह शुरू होने पर टिकी हैं ताकि इस व्यस्त रेलखंड पर सामान्य परिचालन फिर से पटरी पर लौट सके।
