पटना में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी बनी विज्ञान और नवाचार का नया केंद्र
पटना के राजेन्द्र नगर में बने नवनिर्मित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी ने राजधानी को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक नई पहचान दे दी है। आज 21 एकड़ में फैले इस भव्य परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया गया जहां बच्चों की बड़ी संख्या मौजूद थी। इस मौके पर बच्चों से बातचीत की गई और उनके भीतर विज्ञान को लेकर जो उत्साह दिखा वह सभी को प्रेरित करता नजर आया। बच्चों ने यहां मौजूद आधुनिक प्रदर्शनों और गतिविधियों में खास रुचि दिखाई और कई ने इसे अपने जीवन का सबसे रोचक अनुभव बताया।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी को बेहद आधुनिक सोच और रचनात्मक डिजाइन के साथ विकसित किया गया है। इसका भवन न केवल देखने में आकर्षक है बल्कि इसकी आंतरिक संरचना भी पूरी तरह वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित है। यहां विज्ञान को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा गया है बल्कि उसे प्रयोगों और अनुभवों के माध्यम से समझाने की कोशिश की गई है ताकि हर आयु वर्ग के लोग इसे आसानी से महसूस कर सकें।
यह साइंस सिटी खास तौर पर युवाओं और छात्रों को ध्यान में रखकर बनाई गई है ताकि उनमें विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना को बढ़ाया जा सके। यहां आने वाले छात्र भौतिकी रसायन जीव विज्ञान अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक से जुड़े कई पहलुओं को सरल और रोचक तरीके से जान सकेंगे। इससे न केवल उनका ज्ञान बढ़ेगा बल्कि वे भविष्य में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में कुछ नया करने के लिए भी प्रेरित होंगे।
देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर बनी यह साइंस सिटी उनके सपनों को भी साकार करती है जिसमें उन्होंने भारत को एक वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से मजबूत राष्ट्र बनाने की कल्पना की थी। पटना की यह नई पहचान आने वाले समय में बिहार को शिक्षा और विज्ञान के नक्शे पर और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
