इंडिया ओपन से बाहर हुए किदांबी श्रीकांत फ्रेंच खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव ने तोड़ा भारतीय दिग्गज का सफर

पूर्व चैंपियन किदांबी श्रीकांत का बीडब्ल्यूएफ इंडिया ओपन में सफर गुरुवार को समाप्त हो गया जब उन्हें फ्रांस के क्रिस्टो पोपोव के खिलाफ कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए इस रोमांचक राउंड ऑफ 16 मुकाबले में श्रीकांत 14 21 21 17 और 17 21 से हार गए और टूर्नामेंट से बाहर हो गए। यह मुकाबला एक घंटे से अधिक समय तक चला जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने जबरदस्त संघर्ष दिखाया।
पूर्व विश्व नंबर एक और 2021 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता श्रीकांत ने पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे गेम में शानदार वापसी की और बेहतर नियंत्रण के साथ 21 17 से जीत दर्ज की। निर्णायक गेम में हालांकि पोपोव ने अपना स्तर ऊंचा कर लिया और आखिरी पलों में ज्यादा सटीक खेल दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह पोपोव के खिलाफ श्रीकांत की तीन मुकाबलों में पहली हार रही।
गौरतलब है कि क्रिस्टो पोपोव ने हाल ही में इतिहास रचते हुए दिसंबर में वर्ल्ड टूर फाइनल्स 2025 जीतने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बने थे जहां उन्होंने फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन शी यू ची को हराया था। श्रीकांत इससे पहले मई 2025 के बाद पहली बार किसी सुपर 750 टूर्नामेंट में खेल रहे थे और उन्होंने पहले दौर में थरुण मन्नेपल्ली को हराकर अच्छी शुरुआत की थी।
महिला एकल में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया जब मालविका बंसोड़ को चीन की हान यूए से सीधे गेमों में हार मिली। इससे पहले पीवी सिंधु भी वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह के खिलाफ तीन गेमों के मुकाबले में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी थीं हालांकि मालविका ने पहले दौर में शानदार जीत के साथ भारतीय उम्मीदों को जीवित रखा था।
पुरुष एकल में हालांकि एचएस प्रणॉय ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए हांगकांग के ली चिउक यू को हराकर अगले दौर में जगह बना ली। वहीं पुरुष युगल में भारत की शीर्ष जोड़ी चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी को वॉकओवर मिला जिससे वे दूसरे दौर में पहुंच गए।
मिश्रित युगल में भारत को निराशा हाथ लगी जहां तीनों जोड़ियां पहले दौर में ही बाहर हो गईं। अशित सूर्य और अमृता प्रमुतेश रोहन कपूर और रुथविका गड्डे तथा ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्तो को अपने अपने मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा जिससे इस वर्ग में भारत की चुनौती समाप्त हो गई।
कुल मिलाकर इंडिया ओपन में भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिला जुला दिन रहा जहां कुछ उम्मीदें कायम हैं लेकिन कई बड़े नामों का सफर पहले ही खत्म हो चुका है।
