पंचतीर्थ यात्रा के स्वागत में बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव, सामाजिक समरसता और एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत

सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्रीय एकता के संदेश को आगे बढ़ाने वाली पंचतीर्थ यात्रा का मध्यप्रदेश में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यात्रियों से संवाद करते हुए कहा कि समाज में समता और सद्भाव का वातावरण बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके नागरिकों की एकजुटता और आपसी सम्मान में निहित होती है। जब समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं, तब विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अपने जीवन के माध्यम से समाज को समानता, न्याय और अधिकारों का संदेश दिया। उन्होंने केवल संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाई, बल्कि सामाजिक भेदभाव और असमानता के खिलाफ भी आजीवन संघर्ष किया। उनके विचार आज भी देश को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के विकास से नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और योगदान को समझने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि देश में विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। इसी सोच के तहत डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों को विकसित कर उन्हें राष्ट्रीय महत्व के तीर्थ स्थलों के रूप में पहचान दिलाई गई है। इससे देशभर के लोग इन स्थानों तक पहुंच रहे हैं और सामाजिक जागरूकता का नया वातावरण तैयार हो रहा है।
पंचतीर्थ यात्रा में शामिल श्रद्धालु डॉ. अंबेडकर के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का दर्शन कर रहे हैं। इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक या सांस्कृतिक भ्रमण नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना भी है। यात्रा के दौरान विभिन्न राज्यों के लोग एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और विचारों से परिचित हो रहे हैं, जिससे सामाजिक संबंध और अधिक मजबूत बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के हर वर्ग का विकास देश की प्रगति के लिए जरूरी है। यदि किसी एक वर्ग को पीछे छोड़ दिया जाए तो समग्र विकास की कल्पना अधूरी रह जाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि सभी लोग मिलकर समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाएं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें आगामी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने यात्रियों को बाबा महाकाल की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित भी किया। इस सम्मान और आतिथ्य से श्रद्धालु बेहद उत्साहित नजर आए। कई यात्रियों ने मध्यप्रदेश में मिले स्नेह और सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।
पंचतीर्थ यात्रा सामाजिक एकता, समानता और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। यह यात्रा लोगों को डॉ. अंबेडकर के विचारों से जोड़ने के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को भी मजबूत कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की यात्राएं समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
