देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं, सरकार ने बढ़ती मांग के बीच दिया बड़ा भरोसा

देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सरकार ने साफ किया है कि वर्तमान समय में ईंधन और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार के अनुसार देशभर में सभी तेल शोधन संयंत्र पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं और लगातार ईंधन उत्पादन जारी है। अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है तथा किसी भी क्षेत्र से बड़े स्तर पर कमी की सूचना नहीं मिली है।
नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों ने कहा कि देश में रसोई गैस का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। प्रतिदिन लगभग 92 हजार मीट्रिक टन एलपीजी का उत्पादन किया जा रहा है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि घरेलू गैस उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और किसी भी एलपीजी वितरक ने गैस की कमी की शिकायत नहीं की है।
हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल की मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। अधिकारियों के अनुसार लगभग 150 जिलों में पेट्रोल की बिक्री में 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि 156 जिलों में यह बढ़ोतरी 30 प्रतिशत से भी अधिक रही। सरकार का मानना है कि यह वृद्धि अस्थायी है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कहीं भी सप्लाई प्रभावित न हो।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए समुद्री मार्गों और आयात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक पोत निसोस केरोस सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुका है और उसके तीन जून तक विशाखापत्तनम पहुंचने की संभावना है। इस पोत के माध्यम से लगभग दो लाख 70 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल भारत लाया जा रहा है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय पोत पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी जहाज से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली है। समुद्री संचालन को निर्बाध बनाए रखने के लिए कई मंत्रालय और भारतीय दूतावास लगातार समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत ने अपनी ईंधन आपूर्ति प्रणाली को काफी मजबूत बनाया है। बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच भी देश में तेल और गैस की स्थिर उपलब्धता यह दर्शाती है कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। आम नागरिकों को आश्वस्त करते हुए अधिकारियों ने कहा कि ईंधन और रसोई गैस की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी और किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
