NEET-UG 2026 री-एग्जाम से पहले बड़ा फैसला, फर्जी पेपर लीक दावों पर रोक के लिए Telegram पर सख्ती

NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर छात्रों के बीच बढ़ती चिंता और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के बीच केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram के कुछ फीचर्स पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कथित पेपर लीक, फर्जी दावों और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
पिछले कुछ समय से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग चैनलों पर परीक्षा से जुड़ी कई तरह की अपुष्ट जानकारियां प्रसारित हो रही थीं। इनमें कथित प्रश्नपत्र, लीक हुए पेपर और परीक्षा से संबंधित विशेष जानकारी देने के नाम पर छात्रों को गुमराह करने की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई अभ्यर्थी इन दावों को सच मानकर आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे थे। इसी स्थिति को देखते हुए परीक्षा से पहले सख्त कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की गई।
अधिकारियों के अनुसार कुछ संगठित समूह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करके छात्रों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में पुराने संदेशों को संशोधित कर उन्हें इस तरह प्रस्तुत किया जाता था, मानो परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिया गया हो। इस प्रकार के संदेश तेजी से वायरल होते थे और छात्रों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर देते थे। इसी वजह से कुछ तकनीकी सुविधाओं पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया गया है।
सरकार और संबंधित एजेंसियों का मानना है कि इस कदम से परीक्षा से जुड़ी गलत सूचनाओं के प्रसार को काफी हद तक रोका जा सकेगा। साथ ही ऐसे लोगों पर भी लगाम लगेगी जो छात्रों की भावनाओं का फायदा उठाकर अवैध रूप से धन वसूलने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में अभ्यर्थियों से कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर बड़ी रकम मांगे जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं।
साइबर सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसे नेटवर्क और समूहों की निगरानी कर रही हैं जो परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं। विभिन्न राज्यों की जांच एजेंसियों ने भी अभ्यर्थियों को सतर्क रहने और किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाए रखने के लिए तकनीकी और कानूनी दोनों स्तरों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
इस बीच छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए अधिकृत माध्यमों का उपयोग करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। अफवाहों, वायरल संदेशों और अनधिकृत चैनलों से प्राप्त जानकारी पर विश्वास करने से बचने की सलाह दी गई है।
NEET-UG 2026 री-एग्जाम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। यह कदम छात्रों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
