विधायक पद छोड़ने के बाद नितिन नवीन का भावुक संदेश, बांकीपुर की जनता से जोड़ा दिल का रिश्ता
बिहार की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है, जहां Nitin Navin ने विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद बांकीपुर क्षेत्र की जनता के नाम एक भावुक संदेश साझा किया है। राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया, जो संवैधानिक रूप से आवश्यक माना जाता है। लेकिन इस औपचारिक प्रक्रिया के साथ उन्होंने अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत सफर को याद करते हुए जनता और कार्यकर्ताओं के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और जनता के साथ उनका रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक रहा है। उन्होंने लिखा कि कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक भाई, परिवार के सदस्य और अभिभावक के रूप में स्वीकार किया और यही संबंध उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आया है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह जुड़ाव आगे भी इसी तरह बना रहेगा और उन्हें निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।
नितिन नवीन ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत को याद करते हुए बताया कि वर्ष 2006 में उनके पिता के अचानक निधन के बाद पार्टी ने उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर दिया। उसी वर्ष उन्होंने पटना पश्चिम सीट से उपचुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद से उन्होंने लगातार अपने क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दशकों में उन्होंने अपने क्षेत्र को एक परिवार की तरह समझकर उसे आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बांकीपुर और आसपास के क्षेत्रों की जनता ने उन्हें लगातार पांच बार विधानसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर दिया, जो उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और सम्मान की बात रही। उन्होंने सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने की बात कही। उनका मानना है कि जनता के सहयोग और सुझावों ने ही उन्हें बेहतर निर्णय लेने में मदद की।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों से सीखने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि सत्ता और विपक्ष दोनों पक्षों के अनुभवों ने उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को मजबूत बनाया। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि जब Narendra Modi और Nitish Kumar के नेतृत्व में उन्हें बिहार सरकार में मंत्री के रूप में काम करने का अवसर मिला, तब उन्होंने कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों को लागू करने में योगदान दिया।
अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने न केवल उन्हें समस्याएं बताईं, बल्कि उनके समाधान के रास्ते भी सुझाए। यही कारण है कि वे हमेशा खुद को जनता के प्रति जवाबदेह मानते हैं। विधायक पद से इस्तीफा देने के बावजूद उन्होंने आश्वासन दिया कि नई भूमिका में भी वे अपने क्षेत्र और राज्य के विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करते रहेंगे।
उन्होंने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे लगातार प्रयासरत रहेंगे। उनका यह संदेश न केवल उनके राजनीतिक सफर की झलक देता है, बल्कि जनता और कार्यकर्ताओं के साथ उनके गहरे रिश्ते को भी दर्शाता है।
