समृद्धि यात्रा के दूसरे दिन सीमांचल पहुंचे नीतीश कुमार, अररिया में 546 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar इन दिनों अपनी समृद्धि यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच उनके राज्यसभा जाने की संभावनाओं को लेकर भी राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है। इन अटकलों के बीच मुख्यमंत्री लगातार राज्य के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर रहे हैं और विकास योजनाओं का जायजा ले रहे हैं। समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण का दूसरा दिन बुधवार को सीमांचल क्षेत्र में बीता, जहां मुख्यमंत्री अररिया और किशनगंज पहुंचे।
यात्रा के पहले दिन उन्होंने मधेपुरा में रात्रि विश्राम किया था और वहीं से अपने अगले कार्यक्रमों की शुरुआत की। बुधवार सुबह मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से अररिया पहुंचे। यहां उन्होंने जिले में चल रही कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। जानकारी के अनुसार अररिया जिले में कुल 68 विकास योजनाओं की शुरुआत की गई जिनकी कुल लागत लगभग 546 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इन परियोजनाओं को क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
अररिया में मुख्यमंत्री ने पुलिस केंद्र के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया और उसके कामकाज का अवलोकन भी किया। इसके बाद उन्होंने रिमोट के माध्यम से जिले की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कई विकास कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली और उन्हें समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके बाद मुख्यमंत्री कोसी दुर्गंध परियोजना परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए विकास योजनाओं के स्टॉल का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कोसी दुर्गंध परियोजना के तहत अररिया सेंटर की नवीकरण योजना का उद्घाटन भी किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की स्थिति और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने अररिया कॉलेज स्टेडियम मैदान में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। इस बैठक में जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि सभी योजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी हों। इसके साथ ही उन्होंने अररिया कॉलेज स्थित सभा स्थल पर लोगों से संवाद भी किया और स्थानीय मुद्दों को सुना।
अररिया में कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से किशनगंज जिले के ठाकुरगंज के लिए रवाना हो गए। इससे पहले यात्रा के पहले दिन वह सुपौल और मधेपुरा जिलों का दौरा कर चुके थे। समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण के तहत मुख्यमंत्री सीमांचल और कोसी क्षेत्र के कुल दस जिलों का दौरा करने वाले हैं। इस यात्रा का उद्देश्य क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा करना और नई योजनाओं को आगे बढ़ाना बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के आगामी कार्यक्रमों के अनुसार वह गुरुवार को कटिहार और पूर्णिया, शुक्रवार को सहरसा और खगड़िया तथा शनिवार को बेगूसराय और शेखपुरा का दौरा करेंगे। इन दौरों के दौरान भी कई विकास योजनाओं की समीक्षा और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
हालांकि इन दिनों मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने की चर्चाएं भी तेज हैं और कहा जा रहा है कि अगले महीने वह उच्च सदन के लिए जा सकते हैं। इसी वजह से यह यात्रा राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने अब तक अपने भाषणों में इस विषय पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है और न ही मुख्यमंत्री पद छोड़ने की संभावनाओं पर कुछ कहा है। फिलहाल उनका पूरा ध्यान राज्य में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा और जनता से संवाद पर केंद्रित दिखाई दे रहा है।
